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भेषज संघ के अधिवेशन में जड़ी-बूटी उत्पादन बढ़ाने पर जोर

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बागेश्वर। जिला भेषज सहकारी संघ लि. बागेश्वर के दसवें वार्षिक अधिवेशन में संघ की प्रगति, आय-व्यय और आगामी कार्ययोजना का ब्योरा रखा गया। इस दौरान जड़ी-बूटी उत्पादन और नर्सरी विकास को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
संघ के अनुसार वर्ष 2026-27 में विभिन्न मदों में 7 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रस्तावित है। इसमें दो लाख रुपये कार्यालय संबंधी कार्यों और पांच लाख रुपये जड़ी-बूटी रोपण सामग्री के उत्पादन एवं रखरखाव के लिए रखे गए हैं। संघ में 198 व्यक्तिगत सदस्य, 20 सहकारी समितियां और दो नाममात्र सदस्य हैं। अधिवेशन में बताया गया कि जड़ी-बूटी व्यवसाय से संघ को वर्ष 2023-24 में 3.55 लाख, 2024-25 में 4.03 लाख और 2025-26 में 64 हजार रुपये का लाभ हुआ। आगामी वर्ष के लिए 18.35 लाख रुपये का अनुमानित बजट रखा गया है। भेषज संघ के अध्यक्ष संजय साह जगाती ने कहा कि पहाड़ में जड़ी-बूटी उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों और काश्तकारों की आय बढ़ाने के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा किए जा सकते हैं। संघ नर्सरी विकास, पौध उपलब्ध कराने और जड़ी-बूटियों के विपणन को मजबूत करने की दिशा में काम करेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्य ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में जड़ी-बूटियों की व्यापक संभावनाएं हैं। स्थानीय किसानों को इससे जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के साथ पलायन को रोकने की दिशा में भी काम किया जा सकता है। इसके लिए विभागों और भेषज संघ के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश आर्या ने कहा कि जड़ी-बूटी संरक्षण और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग संघ के साथ समन्वय कर सहयोग करेगा। उन्होंने स्थानीय स्तर पर औषधीय पौधों के संरक्षण और वैज्ञानिक तरीके से उत्पादन पर जोर दिया। अधिवेशन में उपाध्यक्ष मथुरा प्रसाद,सचिव हुकुम सिंह, दलीप खेतवाल, इंद्र सिंह परिहार, महेश खेतवाल, श्याम सिंह करायत, उमा उपाध्याय, शोभा देवी, पंकज टम्टा, महेंद्र सिंह दफौटी, धीरज कुमार और गजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

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