बागेश्वर। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने ऊर्जा निगम पर आम जनता का आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि गलत बिजली बिलों से ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उपभोक्ताओं के बिजली बिलों को दुरुस्त नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में ऐठानी ने कहा कि जिले के कई ग्रामीण उपभोक्ताओं को 10 हजार रुपये से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक के बिजली बिल थमा दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतकों के नाम पर भी भारी-भरकम बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ता मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं।
उन्होंने बताया कि जनवरी माह में आयोजित महापंचायत में 43 उपभोक्ताओं के गलत बिजली बिलों का मामला उठाया गया था। इसके बाद जिलाधिकारी ने फरवरी में ऊर्जा निगम को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन आज तक किसी भी उपभोक्ता की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। ऐठानी ने कहा कि बिलों को ठीक कराने के लिए सुदूरवर्ती हिमालयी गांवों के लोगों को बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे उनका समय और धन दोनों बर्बाद हो रहे हैं। इसके बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऊर्जा निगम पहले करोड़ों रुपये खर्च कर मीटर रीडरों की नियुक्ति करता है और बाद में उन्हीं पर गलत रीडिंग देने का आरोप लगाता है। उन्होंने कहा कि गलत बिलों की असली वजह स्मार्ट मीटर हैं, जिन्हें लोगों पर दबाव बनाकर लगाया जा रहा है।
पूर्व जिपं अध्यक्ष ने कहा कि ऊर्जा निगम आम आदमी की जेब पर डाका डालने का काम कर रहा है। यदि जल्द ही गलत बिजली बिलों को माफ कर उपभोक्ताओं को राहत नहीं दी गई तो जनता को साथ लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।








