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लिपिक को प्रधानाचार्य का प्रभार मिलने पर अभिभावकों में आक्रोश

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देवतोली जीआईसी में प्रधानाचार्य पद को लेकर विवाद, 2 अक्टूबर से आंदोलन की चेतावनी

बागेश्वर के सीमांत क्षेत्र देवतोली स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पीएस डसीला स्मारक राजकीय इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य के प्रभार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रभारी प्रधानाचार्य के स्थानांतरण के बाद शिक्षा विभाग ने विद्यालय के लिपिक को प्रधानाचार्य का प्रभार सौंप दिया है। इस फैसले से अभिभावक नाराज हैं और उन्होंने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जल्द समाधान की मांग की है। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मामले का समाधान नहीं हुआ तो 2 अक्टूबर से आंदोलन शुरू किया जाएगा।

मंगलवार को अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष पूरन सिंह भौर्याल की अध्यक्षता में विद्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभिभावकों ने विद्यालय में प्रधानाचार्य का प्रभार लिपिक को दिए जाने पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक मौजूद हैं। इसके बावजूद वरिष्ठतम शिक्षिका के प्रभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति में लिपिक को विद्यालय संचालन की जिम्मेदारी सौंपना छात्रहित में उचित नहीं है।
अभिभावकों के अनुसार 2 सितंबर से विद्यालय में प्रधानाचार्य के प्रभार को लेकर गतिरोध बना हुआ है। इसका असर विद्यालय की व्यवस्थाओं के साथ ही छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। अभिभावकों ने बताया कि विद्यालय में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और संस्कृत के प्रवक्ता नहीं हैं, जिससे इंटरमीडिएट की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। सीमांत क्षेत्र के विद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग भी उठाई गई है।
विद्यालय की स्थिति को लेकर पूर्व बीईओ भगवत सिंह रौतेला ने भी चिंता जताई है। उन्होंने अपर शिक्षा निदेशक, जिलाधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी से मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए छात्रहित में समाधान निकालने की अपील की है। उनका कहना है कि विद्यालय में उत्पन्न गतिरोध का जल्द समाधान होना जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष पूरन सिंह भौर्याल ने कहा कि फिलहाल शिक्षकों और अभिभावकों के साथ सामंजस्य स्थापित कर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि विभाग की ओर से जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई तो अभिभावक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। अभिभावकों ने मामले में कपकोट विधायक सुरेश गढ़िया को भी पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।

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अभिभावकों का कहना है कि सीमांत क्षेत्र में स्थित यह विद्यालय आसपास के कई गांवों के विद्यार्थियों की शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में विद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को लेकर शिक्षा विभाग को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। उन्होंने जल्द प्रधानाचार्य की व्यवस्था करने के साथ प्रवक्ताओं के रिक्त पदों को भरने की भी मांग की है।
बैठक में ग्राम प्रधान भंडारीगांव कुंदन बोरा, पैंठाण प्रधान राजेश, टांगा प्रधान चंद्र राम, एसएमसी अध्यक्ष नरेंद्र भौर्याल समेत कई अभिभावक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अभिभावकों ने साफ किया कि यदि 2 अक्टूबर तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में कब तक ठोस कदम उठाता है।

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