बागेश्वर : गरुड़ क्षेत्र के उड़खुली डनेराखाल में दो दिवसीय पैराग्लाइडिंग फेस्ट का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, जिला पंचायत सदस्य दीपक खुलवे और क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण कुमार की मौजूदगी में किया गया। यह आयोजन नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग जम्मू-पहलगाम के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
प्रतियोगिता के पहले दिन विभिन्न राज्यों से पहुंचे 13 पायलटों ने डनेराखाल मझौलिया से सफल उड़ान भरी। करीब तीन घंटे की उड़ान के बाद पायलटों ने खुमटिया में सुरक्षित लैंडिंग की। स्थानीय ग्रामीणों के लिए अपने गांव के ऊपर आसमान में उड़ते पैराग्लाइडर्स को देखना एक ऐतिहासिक और रोमांचक पल रहा।
इस अवसर पर नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग पहलगाम के प्रिंसिपल कर्नल हेम चंद्र सिंह ने बताया कि यह आयोजन दो दिनों तक चलेगा। पिथौरागढ़, टिहरी, देहरादून, हल्द्वानी, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश और राजस्थान से आए 13 पायलटों ने लगभग 2300 मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरते हुए सफल लैंडिंग की। उन्होंने कहा कि कत्यूर घाटी के अन्य स्थानों पर भी प्रतिमाह ऐसे उड़ान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गरुड़ क्षेत्र पैराग्लाइडिंग के लिए बेहद उपयुक्त है और पर्यटन विभाग के सहयोग से यहां साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के अच्छे अवसर बन सकते हैं।
पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि गरुड़ में नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग की यह ऐतिहासिक पहल भविष्य में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेगी। उन्होंने कहा कि कत्यूर घाटी में साहसिक खेलों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या ने कहा कि सभी 13 पायलटों ने साहसिक उड़ान भरकर यह साबित कर दिया कि गरुड़ घाटी का उड़खुली डनेराखाल क्षेत्र पैराग्लाइडिंग के लिए एक बेहतरीन स्थल है। इस आयोजन से क्षेत्र में साहसिक खेलों को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में क्षेत्र पंचायत सदस्य लच्छू पहाड़ी ने भी खुशी जताते हुए कहा कि सुदूरवर्ती क्षेत्र में इस तरह के आयोजन युवाओं को आकर्षित करेंगे और भविष्य में कत्यूर घाटी में पैराग्लाइडिंग की संभावनाएं और बढ़ेंगी। उद्घाटन समारोह में ग्राम प्रधान विकी बिष्ट, हरिश सिंह नेगी, कुंदन राम, महेश कुमार, कैलाश चंद्र, आनंद सिंह, ग्राम प्रधान विनोद बिष्ट, नंदी देवी, नरेंद्र बिष्ट सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।








