बागेश्वर।
आगामी वनाग्नि सत्र को ध्यान में रखते हुए बागेश्वर वन प्रभाग द्वारा चिन्तन मंथन सभागार में “वनाग्नि प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम” के अंतर्गत एक दिवसीय जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप प्रभागीय वनाधिकारी बागेश्वर ने की।
कार्यशाला में अग्निशमन विभाग बागेश्वर से एफएसओ दिनेश चन्द्र पाठक ने प्रतिभागियों को विभिन्न अग्निशमन उपकरणों की जानकारी दी और उनके सही उपयोग की विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। उन्होंने आग लगने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और सामूहिक प्रयास के महत्व पर जोर दिया।
वन क्षेत्राधिकारी केवलानन्द पाण्डे ने उपस्थित वन कार्मिकों, हंस फाउंडेशन से जुड़ी महिला समूहों, फायर वाचरों एवं ग्राम प्रधानों को वनाग्नि नियंत्रण से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वनाग्नि की किसी भी घटना की सूचना मिलते ही कू-स्टेशन अंतर्गत गठित टीम को तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करनी होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वनाग्नि नियंत्रण के दौरान सबसे पहले आबादी के समीप लगी आग को नियंत्रित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके बाद वृक्षारोपण क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। साथ ही सभी कार्मिकों को अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए गए।
कार्यशाला में आगामी वनाग्नि काल को ध्यान में रखते हुए फायर वाचरों एवं अन्य कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे वे आपात स्थिति में प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।
इस एक दिवसीय कार्यक्रम में कुल 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यशाला में उप प्रभागीय वनाधिकारी श्रीमती तनुजा परिहार, वन क्षेत्राधिकारी केवलानन्द पाण्डे, एफएसओ दिनेश चन्द्र पाठक सहित बागेश्वर वन प्रभाग के अधिकारी-कर्मचारी, फायर वाचर एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वनाग्नि की किसी भी घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दें तथा जंगलों में आग लगने से रोकने में सहयोग करें।








