बागेश्वर अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा के पूर्व विधायक की पत्नी द्वारा किए गए कथित खुलासे के बाद उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। बागेश्वर पहुंचे पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले में शुरू से ही यह कहती आ रही है कि प्रभावशाली राजनीतिक लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, और अब हालिया खुलासों से यह बात साबित भी हो गई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जिन पांच नामों की चर्चा हो रही है, वे सभी भाजपा के बड़े नेताओं से जुड़े बताए जा रहे हैं, जो इस प्रकरण को और भी गंभीर बनाता है। प्रदीप टम्टा ने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होने दी गई। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक अपराध नहीं, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है। यदि जांच को प्रभावित किया गया है, तो यह न्याय व्यवस्था के साथ भी खिलवाड़ है। पूर्व सांसद ने प्रदेश सरकार से मांग की कि इन सभी नामों को ध्यान में रखते हुए मामले की नए सिरे से निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके और दोषियों को किसी भी कीमत पर बचाया न जाए।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस मामले में पारदर्शिता नहीं दिखाई, तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर जन आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। कांग्रेस का स्पष्ट रुख है कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए न्याय की मांग की। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अर्जुन भट्ट,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी,पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद बिष्ट,कुंदन गोस्वामी और सुरेश खेतवाल आदि मौजूद रहे।








