बागेश्वर। उत्तराखंड फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में एकदिवसीय धरना दिया। कर्मचारियों ने 12 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा। एसोसिएशन के जनपदीय अध्यक्ष अनिल जोशी ने बताया कि कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत मिनिस्टीरियल कार्मिकों की कई मांगें लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित हैं। इन मांगों के संबंध में मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव तथा सचिव कार्मिक एवं वित्त स्तर पर पूर्व में बैठकें भी हो चुकी हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों ने कनिष्ठ सहायक को ग्रेड वेतन लेवल-5 (2800) अनुमन्य करने, प्रधान सहायक एवं प्रशासनिक अधिकारी के पदों को सम्मिलित कर पदनाम प्रशासनिक अधिकारी करने, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद को सम्मिलित कर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी का पदनाम करने तथा लेवल-11 में उप निदेशक का अतिरिक्त पद सृजित करने समेत अन्य मांगें उठाईं। जिन विभागों में पदोन्नति नहीं हो रही है, वहां पदोन्नति की व्यवस्था लागू करने की मांग भी की गई। उन्होंने कहा कि मिनिस्टीरियल कर्मचारियों की 12 सूत्रीय मांगें लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित हैं। मांगों को लेकर कई बार शासन के अधिकारियों के साथ वार्ता हो चुकी है, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र निस्तारण किया जाना चाहिए। मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया है। शासन स्तर से सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर संगठन आगे की रणनीति तय करेगा। धरने में विकास भवन संघ के अध्यक्ष संतोष जोशी,मंजुल पांडे,दीपक बोरा सहित मिनिस्टीरियल संवर्ग के कर्मचारी मौजूद रहे।







