बागेश्वर। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष के मार्गदर्शन में शनिवार को ग्रामसभा डूंगरी, चौरा में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता कुमारी की ओर से किया गया।
शिविर में रिटेनर अधिवक्ता त्रिलोक चंद्र जोशी ने ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणाम, घरेलू हिंसा अधिनियम-2005, बाल विवाह अधिनियम, नालसा जागृति योजना, मानव-वन्यजीव संघर्ष के पीड़ितों के लिए कानूनी सेवाएं एवं मुआवजा योजना-2025 सहित विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और नालसा हेल्पलाइन 15100 के बारे में भी बताया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता कुमारी ने वरिष्ठ नागरिकों के कानूनी अधिकार, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम-2007, आपदा पीड़ितों को कानूनी सहायता तथा निःशुल्क कानूनी सेवाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को स्थायी लोक अदालत की भूमिका, प्रक्रिया और समझौते के लाभों के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत, मुकदमेबाजी से पूर्व मध्यस्थता और सामुदायिक मध्यस्थता के बारे में भी बताया।
शिविर में दहेज प्रथा, मानव तस्करी, साइबर अपराध एवं डिजिटल अरेस्ट से बचाव, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, बाल संरक्षण, किशोर न्याय अधिनियम-2015 तथा लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम-1994 सहित विभिन्न विषयों पर जागरूक किया गया। साथ ही भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम से संबंधित जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान, पीएलवी सहित ग्रामीण मौजूद रहे। अधिकारियों ने लोगों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में विधिक सेवा प्राधिकरण की सहायता लेने की अपील की।








