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एक माह से ठप पड़ी कपकोट अस्पताल की अल्ट्रासाउंड सेवा, गर्भवती महिलाओं सहित हजारों मरीज परेशान

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कपकोट (बागेश्वर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कपकोट में पिछले करीब एक माह से अल्ट्रासाउंड सेवा बंद होने से क्षेत्र के हजारों मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को हो रही है, जिन्हें जांच के लिए जिला अस्पताल बागेश्वर जाना पड़ रहा है। इससे मरीजों पर समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ गया है।
सीएचसी कपकोट पर बड़ियाकोट, पोटिंग, लोहारखेत, खाती, फरसाली, शामा समेत कई दूरस्थ गांवों के लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्भर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बागेश्वर तक का सफर आसान नहीं है। कई मरीजों को निजी वाहन या टैक्सी से यात्रा करनी पड़ती है, जिससे अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, सीएचसी कपकोट और इससे जुड़े क्षेत्रों में कुल 16 चिकित्सक तैनात हैं, जबकि सीएचसी कपकोट में स्वीकृत 12 चिकित्सकों के पदों में से वर्तमान में 5 पद रिक्त हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और इसका सीधा असर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ रहा है।
इस संबंध में डॉ. अनुभा ने बताया कि चिकित्सकों की कमी की सूचना उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विधायक सुरेश गड़िया ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उठाया है। उम्मीद है कि जल्द ही रिक्त पदों पर नियुक्तियां होने से स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य हो जाएंगी।
इधर, स्थानीय लोगों ने शासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि सीएचसी कपकोट में अल्ट्रासाउंड सेवा को तत्काल बहाल किया जाए तथा रिक्त चिकित्सकों के पद शीघ्र भरे जाएं। उनका कहना है कि दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में शीघ्र प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

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