बागेश्वर।
राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में बागेश्वर जनपद की ग्राम पंचायत बमराड़ी में मंगलवार को जल महोत्सव पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल, जल स्रोतों के संरक्षण तथा जल गुणवत्ता की जांच से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि जल स्रोतों का संरक्षण और प्रदूषण से बचाव बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में भी स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही जलाशयों, स्रोतों और जल ग्रहण क्षेत्रों की सुरक्षा तथा नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर विश्व प्लंबर दिवस के मौके पर महिला समूह के सदस्यों और प्लंबरों को सम्मानित किया गया। साथ ही उन्हें सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया, ताकि ग्रामीण पेयजल योजनाओं का संचालन और रखरखाव प्रभावी ढंग से किया जा सके।
कार्यक्रम में ग्रामीणों को जल संरचना एवं जल संचयन से जुड़ी गतिविधियों के बारे में भी अवगत कराया गया। साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि किस प्रकार छोटे-छोटे प्रयासों से जल स्रोतों को सुरक्षित रखा जा सकता है और पानी की बर्बादी को रोका जा सकता है।
इसके अलावा जल गुणवत्ता परीक्षण के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया। महिला पानी समिति के सदस्यों को एफटीके (फील्ड टेस्टिंग किट) के माध्यम से पानी की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया गया। सहयोगी संस्था द्वारा महिला पानी समिति तथा ग्राम प्रधान बमरसाड़ी को भी एफटीके किट उपलब्ध कराई गई, ताकि गांव में समय-समय पर पानी की गुणवत्ता की जांच की जा सके।
इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। इसके लिए ग्रामीणों की भागीदारी और जागरूकता बेहद आवश्यक है। कार्यक्रम में पेयजल तकनीकी टीम, विभागीय अधिकारी, ग्राम प्रधान, महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।








