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पुनर्वास स्थल पर दरकी उम्मीदें, बारिश से चार निर्माणाधीन मकानों में आई दरारें,ग्रामीणों में आक्रोश

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बागेश्वर । पिछले वर्ष मानसून के दौरान हड़बाड़ क्षेत्र में आई भीषण दैवीय आपदा के घाव अभी पूरी तरह भरे भी नहीं थे कि प्रभावित परिवारों पर एक और संकट आ खड़ा हुआ है। पुनर्वास के लिए आवंटित नई भूमि पर बन रहे चार मकानों में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद गहरी दरारें पड़ गई हैं। इससे आपदा पीड़ित परिवारों में दहशत का माहौल है और एक बार फिर उनके सिर से आशियाना छिनने का खतरा मंडराने लगा है। बता दे कि पिछले वर्ष आई आपदा में कई परिवारों के घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए थे। इसके बाद शासन ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए नई भूमि आवंटित की थी तथा प्रत्येक परिवार को मकान निर्माण के लिए 4.25 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई थी। पीड़ित परिवार सुरक्षा दीवारें बनाकर नए घरों का निर्माण कर रहे थे, लेकिन लगातार बारिश के चलते चार निर्माणाधीन मकानों के लेंटर और दीवारों में गहरी दरारें पड़ गईं, जिससे भवनों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिला पंचायत उपाध्यक्ष विशाखा खेतवाल और ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष दीपक खेतवाल मौके पर पहुंचे और प्रभावित भवनों का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वे एक आपदा से उबर भी नहीं पाए थे कि अब पुनर्वास स्थल पर भी असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। निरीक्षण के बाद ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष दीपक खेतवाल ने पुनर्वास स्थल के चयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस भू-वैज्ञानिक सर्वे के आधार पर इस भूमि को सुरक्षित घोषित किया गया, उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई है तो संबंधित अधिकारियों एवं भू-वैज्ञानिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि बिना समुचित जांच के आपदा पीड़ितों को असुरक्षित भूमि पर बसाना उनकी जान जोखिम में डालने जैसा है। वहीं जिला पंचायत उपाध्यक्ष विशाखा खेतवाल ने शासन-प्रशासन से प्रभावित चार परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने तथा नए भवनों के निर्माण के लिए दोबारा आर्थिक सहायता स्वीकृत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

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