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ऐतिहासिक,धार्मिक,पौराणिक उत्तरायणी मेले में हुए थूक जेहाद नहीं किया जाएगा बर्दाश्त : भगवत सिंह डसीला

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कांग्रेस जिलाध्यक्ष भगवत सिंह डसीला ने प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया कि जनपद बागेश्वर मे चल रहा माघ माह के मकर संक्राति उतरायनी मेले के दौरान एक विशेष समुदाय के खाने के होटल में तंदूर में रोटी थूक कर पकाने का वीडियो कल सांयकाल दिनांक 17 जनवरी 2025 को सोसियल मीडिया में सामने आया और पुलिस प्रशासन की सक्रियता से दोषियो को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और एक बड़े धार्मिक उन्माद को जन्म लेने से पहले समाप्त करने का सराहनीय कार्य किया गया।
उत्तरायणी मेला धार्मिक व्यापारिक व सांस्कृतिक एंव कुली-बेगार आंदोलन की जननी सरयू गोमती एंव अदृश्य गंगा सरस्वती के त्रिवेणी संगम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियो की कुली-बेगार की पटकथा लिखने वाली भूमि ऐतिहासिक महत्व वाला मेला जनपद बागेश्वर की पहचान हैं।

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एक तरफ प्रशासन द्वारा सरकार के इशारे पर निरंतर 104 वर्षो से चले आ रहें कुली-बेगार आंदोलन के प्रतीकात्मक रूप से रैली एंव जनसभा को इस वर्ष चुनाव आचार संहिता का हवाला देकर रोक दिया गया, और पुलिस प्रशासन की तत्परता सक्रियता के फलस्वरूप कल आरोपी की धर पकड़ तुरंत गिरफ्तार किए जाने के बावजूद भी कल रात्रि में कुछ हिंदू वादी संगठनो के द्वारा नगर में धार्मिक उन्माद फैलाने के उद्देश्य से उत्तेजित नारे लगाए गए और आचार संहिता का उल्लंघन किया गया और जबरन थाने का घेराव करने का कार्य किया गया,क्या चुनाव आयोग इस प्रकरण को संज्ञान लेगा? और दूसरी ओर सरयू बगड़ और ऐतिहासिक मैदान नुमाईश के इर्द-गिर्द मीट मांस के ठेले पक्की दुकाने लगाने का कार्य किया जा रहा हैं, क्या वजह रही कि मेला को करा रहें प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियो के द्वारा क्यो निगरानी नही रखी गई। और कुछ अराजक लोगो द्वारा इस तरह का घृणित कार्य किया गया जिसका जिला कांग्रेस कमेटी कठोर शब्दो में निंदा करती हैं और दोषियो को कडी से कडी सजा मिलनी चाहिए,जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जाये और मेला क्षेत्र ऐतिहासिक मैदान नुमाईश और त्रिवेणी संगम स्थल सरयू “बगड़” में मीट मांस मछली अंडा नॉनवेज की दुकान लगाने वालो को दुकानो का आवंटन नही किया जाना चाहिए और फूड इंस्पेक्टर की नैतिक जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए ताकि इस तरह कृत्य आइंदा ना हो। नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारियो और कर्मचारियो की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए ताकि इस तरह के घिनौने कृत्य की पुनरावृत्ति ना हो पाये।

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