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दुर्गम चचई गांव में स्वास्थ्य विभाग का अभियान, गर्भवती महिला को संस्थागत प्रसव के लिए किया जागरूक

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बागेश्वर। जनपद के दुर्गम ग्राम चचई में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष जागरूकता अभियान चलाया। टीम ने ग्रामीणों को गृह प्रसव के जोखिम और सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अभियान के तहत स्वास्थ्य टीम गर्भवती महिला दया देवी के घर पहुंची, जिनकी डिलीवरी 19 अप्रैल को संभावित है। टीम ने महिला और उसके परिजनों को सरकारी योजनाओं—जननी सुरक्षा योजना, ईजा-बोई योजना और परिवार नियोजन—के बारे में जानकारी देते हुए अस्पताल में प्रसव कराने के लिए प्रेरित किया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दया देवी की आर्थिक और सामाजिक स्थिति बेहद कमजोर है। गांव तक जाने वाला रास्ता कच्चा और दुर्गम है, जिससे 108 एंबुलेंस या अन्य वाहन का पहुंचना संभव नहीं है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण डोली के जरिए अस्पताल ले जाना भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
महिला के चार छोटे बच्चे हैं और उनकी देखभाल के लिए परिवार में कोई अन्य सदस्य उपलब्ध नहीं है। साथ ही वह सड़क, बिजली, आवास, आधार कार्ड, पेयजल और दूरसंचार जैसी मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार प्रयास कर रही है कि किसी भी तरह महिला को सुरक्षित स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाकर संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जा सके, ताकि मां और शिशु दोनों का जीवन सुरक्षित रह सके। इस दौरान प्रभारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. दीपक कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनोज कुमार पुरोहित, सीएचओ ममता कोरंगा, एएनएम पूनम खेतवाल, आशा समन्वयक भुवन जोशी, आईईसी प्रभारी केतन साह, आशा फैसिलेटर चंपा गढ़िया, ग्राम प्रधान दीवान राम समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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