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रेडक्रॉस उपसचिव हरीश शर्मा‌ को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा गया

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कोलंबिया पेसिफिक वर्चुअल यूनिवर्सिटी मथुरा (वृंदावन) में आयोजित दीक्षांत समारोह में उपस्थित मुख्य अतिथि एवं वाइस चांसलर द्वारा हरीश शर्मा‌ को सामाजिक सेवा एवं विभिन्न जागरूकता अभियान के लिए “समाज सेवा के क्षेत्र में” डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की। हरीश शर्मा, ग्रामीण आँचल जन्मे औऱ वर्तमान में रेडक्रॉस उत्तराखंड में प्रभारी महासचिव के पद पर कार्यरत अपने कार्यों एवं दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर एक पहचान बनाई है। जनपद अल्मोड़ा के तालेश्वर, देघाट में जन्मे श्री शर्मा, देघाट इंटर कालेज से हाई स्कूल, इंटर किया, कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल से उच्च शिक्षा प्राप्त की। उच्च शिक्षा के दौरान एनएसएस में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग किया। इन्होने बीएड और समाज कार्य में स्नातकोत्तर किया। समाज सेवा के प्रति उनका मनोभाव औऱ अच्छे संस्कार उनके माता-पिता से उन्हें बचपन से ही प्राप्त हुए, उनके पिता श्री धर्मानन्द शर्मा शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं। इन्होने सरस संस्था के माध्यम से महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए कई रोजगार परक प्रशिक्षण कार्यक्रम, तथा कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान कर कई सामाजिक कार्यों को किया। रेडक्रॉस उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन समन्वयक के पद पर कार्य करते हुए वर्ष 2013 की आपदा में किये गए सराहनीय कार्यों के लिए मा राज्यपाल उत्तराखंड द्वारा सम्मानित किया गया। जिला रुद्रप्रयाग में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के पद पर कार्य करते हुए जिसमें डीडीआरएफ एवं वाईएमएफ टीम का निर्माण करने सहित उन्हें आपदा प्रबंधन, फर्स्ट एड आदि का प्रशिक्षण देकर तैयार करने का कार्य किया गया, इसके लिये जिलाधिकारी पदक से सम्मानित किया गया। जनपद रुद्रप्रयाग में किए गए सराहनीय कार्यों के लिए आज भी उनकी अलग पहचान है। रेडक्रॉस उत्तराखंड में उपसचिव के पद पर कार्य करते हुए रेड क्रॉस में नई नई गतिविधियों एवं नए प्रोजेक्ट पर कार्य किया, कोरोना के समय किये गए सराहनीय कार्यों के लिए मा राज्यपाल उत्तराखंड द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कॉलेज और अन्य संगठनों / सोसायटियों द्वारा आयोजित सेमिनारों और विशेष वक्तव्यों में सक्रिय भाग लेकर युवाओं को सामाजिक कार्यों में अपनी सहभागिता और सहयोग के लिए प्रेरित किया।
इनके द्वारा आपदा प्रबंधन एवं फर्स्ट एड से संबंधित कई राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण प्राप्त किये, तथा कई सेमिनार और सम्मेलन एवं विभिन्न मॉक सत्रों में भाग लिया। इंटरनैशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस और रेडक्रेसेंट सोसायटीज द्वारा कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित प्रशिक्षण प्राप्त कियाऔर राष्ट्रीय स्तर के फर्स्ट एड मास्टर ट्रेनर है।

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योजना बनाकर निर्धारित समय के अंतर्गत लक्ष्य को पूरा करने अपना मुख्य उद्देश्य मानते है, योजनाओं और उनके कार्यान्वयन का विश्लेषण करने की क्षमता बखूबी है, उनकी विशेष रुचि प्रबंधन और सामाजिक सेवा करना है। इनके द्वारा आपदा प्रभावितों की सहायता एवं सहयोग का कार्य किया गया, अभी तक 10000 से अधिक छात्र-छात्राओं, आम नागरिकों को आपदा प्रबंधन, फर्स्ट एड – सीपीआर, हेल्थ और हाइजीन संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है। रक्तदान देने तथा आम जनमानस को प्रेरित करने में इनका अहम योगदान रहा है।

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