बागेश्वर। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने आरोप लगाया है कि ऊर्जा निगम सरकार के दबाव में काम कर रहा है और स्मार्ट मीटर के नाम पर उद्योगपति समूह के मीटर लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे आम उपभोक्ताओं को लगातार बढ़े हुए बिजली बिलों का सामना करना पड़ रहा है।
कपकोट मार्ग में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि जिले के उपभोक्ताओं को हर महीने बढ़े हुए बिजली बिल मिल रहे हैं, जबकि उच्च हिमालयी जिलों में बिजली पर 50 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है और उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि जिन घरों में केवल एक बल्ब जलता है, वहां भी पांच हजार से लेकर 18 हजार रुपये तक के बिजली बिल आ रहे हैं। इससे आम जनता काफी परेशान है, जबकि प्रभावशाली लोगों के बिल अपेक्षाकृत कम आ रहे हैं।
ऐठानी ने कहा कि आम उपभोक्ता अपने बिजली बिल ठीक कराने के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। नियमानुसार उपभोक्ताओं को हर महीने बिजली का बिल दिया जाना चाहिए और 100 यूनिट तक की बिजली पर 50 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। लेकिन विभाग दो-दो महीने बाद बिल जारी कर रहा है, जिससे खपत 200 यूनिट तक पहुंच जाती है और उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पाता।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी राशि भी जमा करा रहा है, जिससे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से इस तरह की कथित लूट को बंद करने और उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की है।








