बागेश्वर : ज्योलीकोट पुलिस द्वारा कपकोट निवासी ट्रक चालक पान सिंह कोरंगा के साथ कथित रूप से की गई मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना ने उत्तराखंड पुलिस के मित्र पुलिस के नारे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित वाहन चालक पान सिंह कोरंगा ने आरोप लगाया है कि पुलिस कर्मियों द्वारा उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई तथा उसे स्मैक के झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई। पीड़ित का कहना है कि वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है, लेकिन इस घटना से वह मानसिक रूप से आहत हुआ है। वही इस मामले को लेकर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस अपने मूल उद्देश्य और मित्र पुलिस के स्लोगन से भटकती नजर आ रही है। कानून व्यवस्था डर और दबाव से नहीं, बल्कि न्याय और विश्वास से चलती है। हरीश ऐठानी ने प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि क्या गरीब और मेहनतकश वाहन चालकों पर लाठी चलाना ही अब कानून व्यवस्था बन गया है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की घटनाएं लगातार होती रहीं, तो आम जनता का पुलिस पर से भरोसा उठ जाएगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या उत्तराखंड में अब सच बोलना अपराध बनता जा रहा है। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने मांग की है कि पीड़ित चालक को न्याय दिलाया जाए तथा इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।








