बागेश्वर : देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान बन चुकी विश्वनाथ-जगदीशिला डोली यात्रा इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ प्रदेश भ्रमण पर निकली हुई है। पिछले 27 वर्षों से निरंतर संचालित यह यात्रा धार्मिक एकता, विश्व शांति और उत्तराखंड की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के प्रचार-प्रसार का संदेश दे रही है। हरिद्वार से प्रारंभ हुई यह पवित्र यात्रा प्रदेश के विभिन्न जिलों और प्रमुख देवालयों का भ्रमण करते हुए ग्वालदम पहुंची, जहां स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने डोली का भव्य स्वागत किया। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिला। यात्रा का रात्रि विश्राम प्रसिद्ध कोट भ्रामरी मंदिर में हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र बिष्ट, लक्ष्मण आर्या, अमित रावत (ग्वालदम), गिरीश तिवारी, प्रकाश आर्या, जे.के. चिलवालवां, एस.पी. सिंह, बसंत नेगी, प्रकाश कोहली सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विश्वनाथ-जगदीशिला धार्मिक पर्यटन यात्रा के संयोजक एवं उत्तराखंड सरकार के पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा पूरी दुनिया को शांति, सद्भाव और मानवता का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उसी धरोहर को आगे बढ़ाने का प्रयास है, जिससे समाज में आपसी भाईचारा और सभी धर्मों के बीच सौहार्द की भावना मजबूत हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड केवल चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां अनेक सिद्धपीठ, प्राचीन मंदिर और धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जिनका ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यंत समृद्ध है। इन स्थलों को धार्मिक पर्यटन से जोड़कर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं, जिससे पलायन की समस्या को कम करने में भी मदद मिलेगी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य चारधाम के अतिरिक्त उन प्राचीन और उपेक्षित देवालयों को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करना है, जो वर्षों से अनदेखे रहे हैं। इसके माध्यम से न केवल धार्मिक चेतना को जागृत किया जा रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने का भी प्रयास किया जा रहा है। गौरतलब है कि यह यात्रा अब उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान बन चुकी है, जो देवभूमि की परंपराओं और संस्कृति को देश-विदेश तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। जगदीशिला डोली यात्रा का समापन गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर टिहरी जनपद के भिलंगना विकासखंड स्थित नीलाछाड़ के पवित्र विसोन पर्वत पर होगा, जहां विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।








