बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बागेश्वर में आयोजित पांच दिवसीय अबेकस प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रतिभागी शिक्षकों ने अबेकस और मानसिक गणना (विजुअल मैथ्स) में अपनी उत्कृष्ट दक्षता का प्रदर्शन कर सभी को प्रभावित किया।
समापन दिवस के प्रथम सत्र में 50 से अधिक शिक्षकों की परीक्षा आयोजित की गई। शुरुआत में शिक्षकों ने प्रश्नपत्र को अबेकस टूल की सहायता से हल किया। इसके बाद ‘ग्रुप मूल्यांकन’ के माध्यम से उनकी गणना गति और सटीकता को परखा गया, जिसमें ‘अबेकस’ और ‘विदाउट अबेकस’ दोनों तरीकों से प्रश्न हल कराए गए।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण व्यक्तिगत प्रदर्शन रहा, जहां प्रत्येक शिक्षक ने मास्टर अबेकस पर जटिल गणनाएं हल कीं। इसके बाद बिना किसी उपकरण के ‘वर्चुअल’ माध्यम से हवा में उंगलियां चलाकर मानसिक गणना करने की कला ने उपस्थित सभी लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया।
द्वितीय सत्र में आयोजित समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्रभारी डायट प्राचार्य डॉ. के. एस. रावत ने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य गणित को छात्रों के लिए सरल, रोचक और भयमुक्त बनाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षक इन आधुनिक तकनीकों को कक्षाओं में अपनाकर विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को और बेहतर बनाएंगे।
प्रमाण पत्र और संसाधनों का वितरण
कार्यक्रम के अंत में सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। साथ ही शिक्षण कार्य को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक शिक्षक को 16-16 स्टूडेंट अबेकस, एक मास्टर अबेकस और दो प्रशिक्षण अभ्यास पुस्तकें भी प्रदान की गईं।
इस अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक डॉ. बी. डी. पाण्डे, डॉ. हरीश चन्द्र जोशी, डॉ. राजीव जोशी, डॉ. के. पी. चंदोला, डॉ. दयासागर, रवि कुमार जोशी, प्रकाश चन्द्र जोशी, केदार मेहता और दीपक ऐठानी सहित कई शिक्षाविद उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे शिक्षकों ने इस पहल को प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे बच्चों में गणित के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ेगा।








