बागेश्वर।
जनपद बागेश्वर अंतर्गत मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए वन विभाग द्वारा लगातार निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 11 जनवरी 2026 को अपराह्न 5 बजे तक प्राप्त सूचनाओं के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में विभागीय स्तर पर कदम उठाए गए।
वन विभाग की ओर से छाती-मनकोट क्षेत्र में वन्यजीवों की संभावित गतिविधियों को देखते हुए गहन गश्त की गई। इस दौरान ग्रामीणों को वन्यजीवों से सतर्क रहने की अपील की गई। क्षेत्र में पहले से स्थापित पिंजड़ों एवं ट्रैप कैमरों की जांच की गई, हालांकि इस दौरान गुलदार की कोई गतिविधि दर्ज नहीं पाई गई।
वहीं बागेश्वर वन क्षेत्र अंतर्गत जंगली सुअरों से प्रभावित ग्राम असों में ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनिमल डिटरेंट (Animal Deterrent) यंत्र स्थापित किया गया, जिससे फसलों एवं आबादी को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
इस संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न ने बताया कि
वन विभाग मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर पूरी तरह सतर्क है। प्रभावित क्षेत्रों में नियमित गश्त, तकनीकी उपकरणों की निगरानी और सुरक्षा यंत्रों की स्थापना की जा रही है। ग्रामीणों से भी अपील है कि वे किसी भी वन्यजीव की गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि विभाग द्वारा सायंकालीन जागरूकता कार्यक्रम एवं जनसंपर्क अभियान चलाया जाना प्रस्तावित है, जिसकी विस्तृत जानकारी कल सुबह पृथक से साझा की जाएगी।
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में विभाग से संपर्क बनाए रखें।








