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अल्मोड़ा मैग्नेसाइट फैक्ट्री अधिग्रहण के 45 साल बाद भी जमीन विवाद, विस्थापित परिवार परेशान

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बागेश्वर: अल्मोड़ा मैग्नेसाइट फैक्ट्री द्वारा अधिग्रहित की गई भूमि के विस्थापि परिवार मंडलायुक्त दीपक रावत से मिले। उन्होंने बताय कि ग्राम मटेला, बिलौरी समेत अन्य गांवों के 174 परिवारों में से कुछ परिजवों के खेत नंबर बंदोबस्ती के कारण बदल गए हैं। कई लोगो की भूमि को सरकारी दिखाया जा रहा है। उन्होंने मामले की जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।
मंगलवार को कलक्ट्रेट में ग्रामीण मंडलयुक्त से मिले। ग्रामीणों रावत को बताया कि वर्ष 1979 में अल्मोड़ा मैग्नेसाइट फैक्ट्री के लिए उनकी जमीन अधिग्रहित की। करीब 174 परिवाों को सितारगंज के कल्याणपुर में विस्थापित किया गया। हर परिवार को एक-एक एकड़ भूमि आवंटित की गई। पुरानी बंदोबस्ती के अनुसार वास्तविक विस्थापितों के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज किए गए, लेकिन बर्तामन में नये बदोबस्त में राजस्व अभिलेखों में कुछ लोगों के नाम मौके पर ही बदल दिए गए हैं। उनके नाम अब अभिलेखों से हट गए हैं। इस कारण वर्तमान में शासन द्वारा चलाई जा रही भूमिधरी प्रक्रिया पूरी पूरी नहीं हो पा रही है। उन्होंने नये अभिलेखों में नाम दर्ज कराने की मांग की है। इस मौके पर महेंद्र कुमार टम्टा, बची सिंह, कुंदन सिंह, चंदन सिंह, देवेंद्र बिष्ट, गोपाल सिंह,विक्रम सिंह, हेमतं रौतेलाआदि मौजूद रहे।

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