बागेश्वर। लगातार हो रही बारिश के बीच फलटनिया गांव में 65 वर्षीय बुजुर्ग तारा सिंह के मकान का ऊपरी हिस्सा अचानक क्षतिग्रस्त होकर निचले हिस्से में जा गिरा। हादसे के दौरान तारा सिंह घर में अकेले थे। गनीमत रही कि हादसे में उनकी जान बच गई। मकान क्षतिग्रस्त होने के बाद बुजुर्ग के सामने रहने और इलाज की समस्या खड़ी हो गई।
स्थानीय लोगों से सूचना मिलने के बाद रेडक्रॉस की टीम मौके पर पहुंची और बुजुर्ग की हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बताया गया कि तारा सिंह पहले से पीलिया से पीड़ित हैं। उनकी पत्नी का करीब तीन वर्ष पहले निधन हो चुका है। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। पड़ोसियों के मुताबिक बच्चे बाहर शहरों में नौकरी करते हैं।
रेडक्रॉस के सचिव आलोक पांडे ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम फलटनिया पहुंची। वहां बुजुर्ग की स्थिति काफी दयनीय मिली। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रेडक्रॉस की ओर से उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने भी इसका संज्ञान लिया। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। कानूनगो विजयपाल मेहता ने बताया कि बुजुर्ग की हरसंभव मदद की जा रही है। प्रशासन लगातार उनके संपर्क में है और उनकी स्थिति को देखते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
वहीं, रेडक्रॉस के जिलाध्यक्ष इंद्र सिंह फर्स्वाण ने बताया कि टीम ने बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाकर उनका उपचार शुरू कराया है। उनके बच्चों से संपर्क करने का भी प्रयास किया गया, लेकिन परिजनों की ओर से अपेक्षित सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। ऐसे में बारिश के बीच अकेले रह रहे बुजुर्ग के सामने अब सुरक्षित आश्रय और इलाज की चुनौती बनी हुई है।
बारिश के कारण पहाड़ों में पहले ही जनजीवन प्रभावित है। ऐसे में फलटनिया के 65 वर्षीय तारा सिंह की स्थिति यह सवाल भी खड़ा करती है कि संकट की घड़ी में बुजुर्गों और अकेले रह रहे लोगों के लिए परिवार के साथ-साथ समाज और व्यवस्था की जिम्मेदारी कितनी अहम हो जाती है। इस दौरान डॉ हरीश दफौटी,वेद प्रकाश पांडे,हिमांशु जोशी,दयाल कार्की,शोएब खान, आयान खान आदि मौजूद रहे।








