बागेश्वर : जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता दरबार में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 20 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें सड़क, पशुपालन, शिक्षा, विद्युत, पेयजल एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों के समाधान के निर्देश देते हुए कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। जनता दरबार के दौरान ही सीएम हेल्पलाइन की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। जिन अधिकारियों का कॉलिंग प्रतिशत 50 प्रतिशत से कम पाया गया, उनके वेतन को अगले आदेश तक रोकने के निर्देश जारी किए गए। वही जनसमस्याओं का संज्ञान लेते हुए भी जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया और शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता के विरुद्ध अनुपस्थित रहने पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जबकि जिला क्रीड़ा अधिकारी का वेतन भी अनुपस्थिति के चलते रोक दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें और चालू वित्तीय वर्ष के लिए पूर्व नियोजित कार्ययोजनाएं तैयार रखें। साथ ही आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर विशेष जोर देते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कार्यालय समय का कड़ाई से पालन करने तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की बात दोहराते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








