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मोबाइल टावर और पुल निर्माण में अनियमितताओं का आरोप, बैसानी-पोसारी के ग्रामीणों का जिला मुख्यालय में प्रदर्शन

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बागेश्वर। कपकोट विकासखंड के बैसानी और पोसारी गांव के ग्रामीणों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं तथा विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजकर मोबाइल टावर की लोकेशन में बदलाव और आपदा प्रभावित पुलों के निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि बीएसएनएल द्वारा ग्राम बैसानी में स्थापित किया जा रहा मोबाइल टावर तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त स्थान पर नहीं लगाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि टावर को ‘घर बैसानी’ में स्थापित किया जाए तो राशन की दुकान, डाकघर और राजकीय हाई स्कूल सहित पूरे क्षेत्र को बेहतर मोबाइल नेटवर्क मिलेगा। वहीं, कन्यालीकोट में प्रस्तावित टावर से राजकीय इंटर कॉलेज को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। उनका दावा है कि इससे क्षेत्र के लगभग 400 छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

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प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे डॉ. गोविंद सिंह गढ़िया ने कहा कि वर्तमान प्रस्तावित स्थान से टावर लगाने का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। उन्होंने प्रशासन से सर्वे कर जनहित में उपयुक्त स्थान पर टावर स्थापित करने की मांग की।

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ग्रामीणों ने वर्ष 2025 की आपदा में क्षतिग्रस्त तीन पुलों के पुनर्निर्माण में भी गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया। उनका कहना है कि घमरीगाड़ क्षेत्र में पुल को उसके मूल स्थान से हटाकर आबादी से दूर कृषि भूमि की ओर बनाया जा रहा है, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी और रात के समय जंगली जानवरों का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही, मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी बढ़ेगी।

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि पुल निर्माण के दौरान प्रभावित कृषि भूमि का मुआवजा किसानों को नहीं दिया गया है। इसके अलावा ठेकेदार द्वारा नदी में बड़े पत्थरों को तोड़कर कथित रूप से अवैध खनन किया जा रहा है, जिससे बरसात के दौरान बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।

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प्रदर्शन में डॉ. गोविंद सिंह गढ़िया, हीरा सिंह, पदम सिंह, अमर सिंह, गोपाल राम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और निर्माण कार्यों को मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।

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