बागेश्वर : अल्मोड़ा मैग्नेसाइट वर्कर्स यूनियन के कर्मचारियों ने कंपनी की खराब आर्थिक स्थिति और लंबे समय से बंद पड़ी खदानों की ई रमन्ना को खोलने की मांग को लेकर जिला कार्यालय में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों ने बताया कि उत्तराखंड का एकमात्र उद्योग माने जाने वाली अल्मोड़ा मैग्नेसाइट लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1972 में हुई थी और यह लंबे समय से बागेश्वर व अल्मोड़ा जनपद के स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता रहा है। लेकिन बीते दो महीनों में खनन के ई रमन्ना बंद होने और आर्थिक संकट गहराने से कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने बताया कि 6 जनवरी 2025 को उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बागेश्वर जनपद की सोप स्टोन खदानों में अवैज्ञानिक खनन पर रोक लगने के चलते अल्मोड़ा मैग्नेसाइट कंपनी की खदानें भी प्रभावित हुईं। इससे कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और करीब 500 कर्मचारी बेरोजगारी की स्थिति में पहुंच गए। बाद में सरकार के प्रयासों के बाद 26 फरवरी 2026 को न्यायालय द्वारा कंपनी को पुनः संचालन की अनुमति मिली, लेकिन करीब दो माह से रॉयल्टी जमा न होने के कारण ई रमन्ना अब भी नहीं खुल पाई हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि ई रमन्ना बंद रहने से कंपनी को मिनरल बिक्री नहीं हो पा रही है, जिससे कर्मचारियों को समय पर वेतन भी नहीं मिल रहा। कंपनी प्रबंधन के अनुसार लगभग 48 लाख रुपये की रॉयल्टी जमा होनी है, जिसके बिना खदानों का संचालन संभव नहीं है।प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से कंपनी की वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए राहत देने, रॉयल्टी जमा करने में सहयोग करने और जल्द से जल्द खदानों को खोलने की मांग की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो उनका रोजगार और आजीविका गंभीर संकट में पड़ जाएगी। इस दौरान शांति लाल,गायत्री प्रसाद,सुरेन्द्र लाल, सुरेंद्र करायत,हर्ष सिंह,मनोज सिंह,विक्रम सिंह, भरत सिंह रौतेला,जीवन सिंह और जगदीश प्रसाद आदि मौजूद रहे।








