बागेश्वर: स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं को मार्च माह की प्रोत्साहन राशि अब तक नहीं मिल पाई है, जिससे उनकी परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। समय पर भुगतान न होने से आशाओं को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर विभाग आशा पात्रता परीक्षा (पार्ट-2) की तैयारियों में जुटा है, वहीं दूसरी ओर टीकाकरण, सुरक्षित प्रसव और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी आशा कार्यकर्ताओं के कंधों पर हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है। गौरतलब है कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के उद्देश्य से गांव-गांव में आशा कार्यकर्ताओं की तैनाती की गई है। उनके प्रयासों से संस्थागत प्रसव और टीकाकरण में सुधार हुआ है। कोरोना काल में भी आशाओं ने पीपीई किट पहनकर होम क्वारंटाइन में रह रहे लोगों की निगरानी और स्वास्थ्य जांच का जिम्मा निभाया था, जिसकी सराहना प्रधानमंत्री तक कर चुके हैं।
आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि हर वर्ष मार्च में मिलने वाली प्रोत्साहन राशि इस बार डेढ़ माह बीतने के बाद भी नहीं मिली है। उनका आरोप है कि भुगतान की मांग करने पर विभाग द्वारा बजट न मिलने की बात कही जा रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। इधर, सीएमओ डॉ. आदित्य कुमार तिवारी ने बताया कि प्रोत्साहन राशि के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है और जल्द ही जिले की सभी आशा कार्यकर्ताओं के खातों में राशि भेज दी जाएगी।








