बागेश्वर। प्रयागराज माघ मेला 2026 के दौरान ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा कथित रूप से रथ यात्रा रोके जाने और गंगा स्नान से वंचित किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी बागेश्वर ने शनिवार को बागनाथ मंदिर प्रांगण में दो घंटे का मौन व्रत आयोजित किया। यह कार्यक्रम नगर अध्यक्ष मनोज साह के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, सुनील भंडारी, किशन कठायत, हरीश त्रिकोटी, लक्ष्मी धर्मसत्तू, ललित गोस्वामी (ओबीसी अध्यक्ष), राजेंद्र टंगणिया (पूर्व राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त), केवलानंद जोशी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाजपा पर लगाया सनातन के नाम पर राजनीति करने का आरोप
मौन व्रत के दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी अब अराजक होती जा रही है और हिंदू समाज को केवल राजनीतिक प्रयोग का माध्यम बना रही है। उन्होंने कहा कि आज शंकराचार्य जी के साथ ऐसा व्यवहार किया गया है, कल यह किसी और के साथ भी हो सकता है। भाजपा केवल चुनाव जीतने की राजनीति कर रही है। जनता के दुख-दर्द से उसे कोई मतलब नहीं रह गया है। उन्होंने आगे कहा कि शंकराचार्य हिंदू समाज के सर्वोच्च आध्यात्मिक मार्गदर्शक होते हैं और उनके साथ हुआ व्यवहार पूरे सनातन समाज का अपमान है। भाजपा केवल सनातन के नाम पर राजनीति कर रही है, जबकि मूल्यों और परंपराओं का सम्मान नहीं कर रही।
धार्मिक भावनाओं के सम्मान की मांग
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि धर्मगुरुओं का सम्मान राजनीतिक मतभेदों से ऊपर होना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से इस मामले में स्पष्टीकरण देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने का आश्वासन देने की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं और संतों को उचित सुविधा और सम्मान देने की भी अपील की।
शहर में रही शांतिपूर्ण स्थिति
मौन व्रत कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में मौन पट्टियां लेकर शांति के साथ विरोध दर्ज कराया। आयोजन स्थल पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं देखी गई।








