बागेश्वर वन रेंज क्षेत्र के अंतर्गत छाती–मनकोट गांव में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से दहशत का कारण बने गुलदार को रविवार तड़के जंगल में लगाए गए पिंजड़े में कैद कर लिया गया। गुलदार के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
गुलदार को पकड़ने के बाद वन विभाग की टीम उसे रेंज कार्यालय लेकर पहुंची, जहां पशु चिकित्सक डॉ. गौरव कोहली द्वारा उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मेडिकल जांच में गुलदार पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद उसे अल्मोड़ा चिड़ियाघर भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गौरतलब है कि इसी गांव में 7 जनवरी को देवकी देवी की वन्यजीव संघर्ष में मौत हो गई थी। बताया गया कि देवकी देवी रात करीब 12 बजे पानी लेने के लिए घर से निकली थीं, जिसके बाद उनका शव माल्ता के जंगल में मिला था। इस घटना के बाद से ही गांव में भय का माहौल बना हुआ था।
घटना के बाद वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही थी। गुलदार को पकड़ने के लिए तीन पिंजड़े लगाए गए थे और दिन-रात निगरानी की जा रही थी। रविवार सुबह करीब चार बजे छाती–मनकोट के जंगल में लगे पिंजड़े में गुलदार फंस गया।
रेंजर केवलानंद पांडे के नेतृत्व में उपराजिक चंदन सिंह टांगणिया, वन दरोगा तारा सिंह फर्स्वाण, वन आरक्षी किशोर चंद्र, सुधीर कुमार, चंदन राम सहित वन विभाग की टीम ने पूरी रात कड़ाके की ठंड में सर्च अभियान चलाया और क्षेत्र में कड़ा पहरा बनाए रखा। टीम की सतर्कता और मेहनत के चलते यह अभियान सफल हो सका।
ग्राम प्रधान दीपक खेतवाल ने बताया कि जहां देवकी देवी का शव मिला था, उसी स्थान पर गुलदार खड़ा देखा गया था। उन्होंने इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी थी, जिसके बाद विभाग ने अभियान और तेज कर दिया।
प्रभारी डीएफओ बागेश्वर दीपक सिंह ने बताया कि छाती–मनकोट क्षेत्र में पकड़ा गया गुलदार करीब 12 वर्षीय नर है और पूरी तरह स्वस्थ है। सुरक्षा मानकों के तहत उसे अल्मोड़ा चिड़ियाघर भेजा जाएगा। गुलदार के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र में सामान्य स्थिति लौटने लगी है। ग्रामीणों ने वन विभाग की तत्परता और मेहनत की सराहना करते हुए राहत महसूस की है। वन क्षेत्र अधिकारी केवलानंद पांडे ने बताया कि वन्यजीवों और मानव जीवन की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए लगातार निगरानी, जागरूकता और सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा।
इस अभियान में उपराजिक चंदन सिंह टांगणिया, वन दरोगा तारा सिंह फर्स्वाण, वन आरक्षी किशोर चंद्र, सुधीर कुमार, चंदन राम सहित वन विभाग की पूरी टीम मौजूद रही और सभी ने सराहनीय भूमिका निभाई।








