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पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक पर लापता पर्यटक मामले में बड़ा मोड़, पिता ने गाइड व होमस्टे संचालक पर दर्ज कराई नामजद एफआईआर

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बागेश्वर। नोएडा से विश्व प्रसिद्ध पिंडारी ग्लेशियर ट्रेकिंग रूट पर आए पर्यटक अभिषेक चौहान के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने के मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। कई दिनों से चल रहे सर्च ऑपरेशन के बीच अब लापता युवक के पिता रघुराज चौहान, जो सीमा सुरक्षा बल (BSF) में निरीक्षक हैं, ने थाना कपकोट में स्थानीय गाइड और होमस्टे संचालक के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए नामजद एफआईआर दर्ज कराई है।
पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीणों की टीमें लगातार पिंडारी ग्लेशियर क्षेत्र में सघन खोज अभियान चला रही हैं। इसी दौरान सर्च ऑपरेशन में कथित घटनास्थल से करीब 300 मीटर नीचे पिंडर नदी के पत्थरों के बीच अभिषेक का जैकेट और उनका सुरक्षित कैमरा बरामद हुआ है। प्रारंभिक तौर पर अधिकारियों ने संभावना जताई थी कि पैर फिसलने से वह नदी के तेज बहाव में बह गए होंगे, लेकिन अब परिजनों ने इस पूरी थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
एफआईआर में अभिषेक के पिता ने स्थानीय गाइड आनंद राम और होमस्टे संचालक मानसिंह दानू पर संदेह जताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटनाक्रम में कई विरोधाभास सामने आ रहे हैं, जिससे यह मामला साधारण दुर्घटना नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश प्रतीत होता है।
परिजनों ने सवाल उठाया है कि इतनी ऊंचाई से गिरने की आशंका के बावजूद कैमरे का पूरी तरह सुरक्षित मिलना, जबकि उसका ढक्कन अलग स्थान पर बरामद होना, कई संदेह पैदा करता है। साथ ही कैमरे में मौजूद आखिरी तीन वीडियो को भी परिवार ने संदिग्ध बताते हुए दावा किया है कि वे जांच को प्रभावित करने के उद्देश्य से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा रिकॉर्ड किए गए हो सकते हैं।
एफआईआर में यह भी कहा गया है कि शारीरिक रूप से मजबूत अभिषेक अपना बैग कभी किसी को नहीं सौंपते थे, ऐसे में गाइड के साथ बैग बदलने की कहानी भी संदिग्ध प्रतीत होती है। परिजनों ने गाइड के कथित आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए उसकी तत्काल गिरफ्तारी, मामले की एफएसएल जांच, तथा नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग की है।
इसके अलावा परिजनों ने आरोप लगाया कि कथित दुर्घटनास्थल से करीब 500 मीटर नीचे आसान ढलान वाले क्षेत्र की तत्काल तलाशी नहीं ली गई, जबकि स्थानीय गाइड उस इलाके से भलीभांति परिचित था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 4 जून को किसी भी रेस्क्यू टीम की अनुपस्थिति में गाइड अकेले घटनास्थल की ओर गया, जिससे संदेह और गहरा गया है।
परिवार ने होमस्टे संचालक पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अभिषेक के परिजन बेहद परेशान हैं और बेटे की सुरक्षित बरामदगी के साथ पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और लापता पर्यटक की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।

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