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गरुड़ बाजार में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई,600 मीटर क्षेत्र में अस्थायी अतिक्रमण हटाया

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बागेश्वर गरुड़। हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में गुरुवार को गरुड़ बाज़ार में तहसील प्रशासन ने व्यापक स्तर पर अस्थायी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। तहसीलदार निशा रानी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने बाज़ार के पंजास चौराहे से दोपहर 12 बजे जेसीबी मशीन के साथ अभियान शुरू किया और लगभग 600 मीटर क्षेत्र में फैले अस्थाई अतिक्रमण को हटाया।

कार्रवाई से एक दिन पूर्व प्रशासन ने लगभग 100 व्यापारियों को नोटिस जारी किए थे, जिसके बाद कई व्यापारियों ने स्वयं ही अपने प्रतिष्ठानों के सामने लगाए गए रैक, बोर्ड व सीढ़ियों को हटाकर सहयोग दिखाया। तहसीलदार निशा रानी ने कहा कि हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए गरुड़ बाजार में आज अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया है। स्थानीय व्यापारियों ने भी अभियान में पूरा सहयोग किया है।

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स्थायी अतिक्रमण पर प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल अस्थायी अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से स्थायी अतिक्रमण को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

गरुड़ सभासद अंकित जोशी ने कहा कि व्यवसायी प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि स्थायी अतिक्रमण पर कार्रवाई कब होगी?

जिला पंचायत सदस्य एवं व्यापार संघ के जिलाध्यक्ष बलवंत नेगी ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कुछ रसूकदारों के इशारे पर हाई कोर्ट के निर्णय को आधार बनाकर अस्थायी अतिक्रमण हटाया जा रहा है, लेकिन गरुड़ क्षेत्र में वर्षों से लंबित स्थायी अतिक्रमण पर प्रशासन कब निर्णायक कदम उठाएगा?

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व्यापारी बोले—अभियान सिर्फ औपचारिकता

स्थानीय व्यापारियों का कहना था कि प्रशासन की यह कार्रवाई केवल कोर्ट आदेशों को पूरा करने की औपचारिकता भर लगती है।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बाज़ार के प्रमुख हिस्सों में ज़मीन घेरकर बनाए गए स्थायी निर्माण अभी भी जस के तस हैं।
पूर्व ग्राम प्रधान प्रकाश कोहली ने भी प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि तहसील प्रशासन जनता के साथ है या कुछ प्रभावशाली लोगों के साथ? अतिक्रमण हटाने का अभियान रसूकदारों के पक्ष में झुका हुआ दिखाई देता है।

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प्रशासन की कार्रवाई जारी, व्यापारियों में मिश्रित प्रतिक्रिया अभियान के दौरान प्रशासनिक टीम, पुलिसबल और नगर पंचायत कर्मचारी मौजूद रहे। जहाँ कुछ व्यापारियों ने अभियान को आवश्यक बताते हुए सहयोग दिया, वहीं स्थायी अतिक्रमण पर कार्रवाई न होने से नाराज़गी भी देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि गरुड़ बाजार की समस्याओं का स्थायी समाधान तभी संभव है, जब अस्थायी ही नहीं, स्थायी अतिक्रमण पर भी एकसमान और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।

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