बागेश्वर। जिले की बदहाल शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष वाहिनी बागेश्वर ने मंगलवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर हल्ला बोलते हुए 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया। संगठन ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, विद्यालयों की समस्याओं के समाधान और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक माहौल उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
धरना शुरू होने के बाद दोपहर में मुख्य शिक्षा अधिकारी बागेश्वर ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजकर संघर्ष वाहिनी के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया। संगठन के प्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच 10 सूत्रीय मांगों को लेकर विस्तृत एवं सार्थक वार्ता हुई।
वार्ता के दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी ने संगठन को आश्वस्त किया कि मांगों पर आगामी 15 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई शुरू की जाएगी। विभाग की ओर से यह भी बताया गया कि कुछ मांगों पर पहले से ही कार्रवाई पूरी हो चुकी है और संबंधित प्रकरण शासन स्तर पर लंबित हैं, जिनकी फाइलें आगे बढ़ाई जा रही हैं।
अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद संघर्ष वाहिनी ने अपना अनिश्चितकालीन धरना फिलहाल 15 दिनों के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में 10 सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो संघर्ष वाहिनी दोबारा आंदोलन शुरू करेगी और इसे उग्र जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
संघर्ष वाहिनी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन लंबे समय से आवाज उठा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों की समस्याओं, शिक्षकों की उपलब्धता और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग को गंभीरता से कदम उठाने होंगे।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो इसके बाद होने वाले आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
धरना प्रदर्शन में संघर्ष वाहिनी के जिलाध्यक्ष कवि जोशी, अंकुर उपाध्याय, विनोद थापा, जिला महामंत्री (संगठन) नवनीत बिष्ट, रमेश पांडे (कृषक), नवीन चौबे, वीरेंद्र नेगी, महेश कालाकोटी, रिजवान खान, संस्कार भारती, राहुल कुमार, चेतन बोरा समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।







