बागेश्वर : बैंक लोन व मोबाइन फाइनेंस धोखाधड़ी करने का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एडिटिंग के जरिये ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायालय के आदेश के बाद अल्मोड़ा जेल भेज दिया है।
पुलिस उपाधीक्षक अजय लाल साह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 28 जून 2024 को पीड़िता गुरुदमा वरिजा त्रिपाठी निवासी कठायतबाड़ा ने कोतवाली बागेश्वर में तहरीर दी। जिसमें उन्होंने कहा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके आधार व पैन कार्ड का दुरुपयोग कर उनकी अनुमति के बिना डीएमआई फाईनेंसे कंपनी से फाईनेंस कर सैमसंग अल्ट्रा एस-23 मोबाइल फोन खरीद लिया। इस धोखाधड़ी से उनका बैंक सिबिल स्कोर भी खराब हो गया। तहरीर के आधार पर कोतवाली बागेश्वर में आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के ने विवेचना एसआई मनोहर चंद को सौंपी। साक्ष्यों के संकलन, साइबर सैल की सहायता और गहन विवेचना के बाद रविवार की शाम पुलिस टीम ने घटना में शामिल दो शातिर अपराधियों में अंकित कुमार (23 वर्ष) पुत्र कृष्णपाल सिंह, निवासी- यमुनोत्री इन्क्लेव, पटेलनगर, देहरादून तथा जौनी (32 वर्ष) पुत्र बलवन्त सिंह, निवासी- ग्राम ककराला, नकुड, सहारनपुर उप्र को धारा 420/467/468/471/34 आईपीस के तहत गिरफ्तार किया गया। सोमवार को दोनों को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश के बाद अल्मोड़ा जेल भेज दिया है। सीओ साह ने बताया कि आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं। इनके विरुद्ध पूर्व में भी अन्य राज्यों में धोखाधड़ी और कूटरचना कर मोबाइल फोन खरीदने से संबंधित दो मुकदमे दर्ज हैं।








