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बागेश्वर के विवेक परिहार व अनुराग बिष्ट सेना मे बने लेफ्टिनेंट

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बागेश्वर : नदीगांव निवासी विवेक सिंह परिहार भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। उनके गांव में खुशी है। उनके पिता आनंद सिंह परिहार 4 कुमाऊं रजीमेंट से सेवानिवृत्त हैं। उनकी प्राथमिक शिक्षा सेंट एडम्स गरुड़ और इंटर मीडिएट कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल कठायतबाड़ा से हुई।

लेफ्टिनेंट परिहार ने बताया कि वह अपने पिता के साथ 30 किमी दूर गरुड़ पढ़ने जाते थे। 2012 में इंटर पास हुए। 2013 में सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हो गए। वहां मेजर सागर देश पांडे के संपर्क में आए। वह कंपनी कमांडर थे। उन्होंने अफसर बनने को प्रेरित किया। होम वर्क कराया और सफलता का श्रेय माता-पिता, अभिभावक और रिश्तेदार के साथ ही उन्हें जाता है। एसीसी का पेपर दिया।पांच दिन पूरी मेहनत की। 2018 में पांचवीं रेंक मिली। जवाहर लाल विश्वविद्यालय दिल्ली से स्नातक किया। उनके भाई हंसराज परिहार भी सेना में तैनात हैं। उनकी माता मोहिनी परिहार गृहणी हैं। उन्हें ग्रेनेड ईयर नाथुला, सिक्किम, चाइन बार्डर में तैनाती मिली है।

बागेश्वर, जिले के कांडा तहसील के गुरना निवासी अनुराग बिष्ट भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। उन्होंने 2018 में एनडीए की परीक्षा उत्तीर्ण की। शनिवार को देहरादून में आयोजित पासिंग परेड में लेफ्टिनेंट बने।उनकी पठन-पाठन देहरादून से हुआ। उन्होंने एनडीए की परीक्षा पहले प्रयास में सफलता पाई। उनके पिता गजेंद्र सिंह बिष्ट सेना से सेवानिवृत्त हैं। अनुराग ने अपनी सफलता का श्रेय माता मीरा बिष्ट को दिया है। उनके मामा डा. हरीश दफौटी ने बताया कि अनुराग बचपन से ही मेधावी था। वह अपने गांव का पहला सेना अधिकारी बना है। उसकी सफलता पर एडवोकेट राजेश रौतेला ने खुशी व्यक्त की है।

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