logo

दुग्ध क्रांति की ओर बागेश्वर: डीएम ने तय किया 50 हजार आय लक्ष्य, रियल टाइम भुगतान पर सख्ती

खबर शेयर करें -

बागेश्वर। जनपद में दुग्ध उत्पादन एवं विपणन व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने दुग्ध अवशीतन केंद्र कमेड़ी, दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति क्षेत्रपाल तथा विकास भवन स्थित आंचल आउटलेट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान संचालन प्रणाली, स्वच्छता, भुगतान व्यवस्था और आय वृद्धि की संभावनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
कमेड़ी अवशीतन केंद्र में व्यवस्थाओं का आकलन
जिलाधिकारी ने केंद्र के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए दो पीआरडी जवानों की तैनाती हेतु संबंधित अधिकारी को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ-सफाई और गुणवत्ता मानकों को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि बेहतर दुग्ध संग्रहण सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने चारा नर्सरी के विकास के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने, तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने तथा पात्र सदस्यों को REAP योजना के अंतर्गत ‘अल्ट्रा पुअर पैकेज’ से लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए।
महिला दुग्ध उत्पादकों से संवाद, रियल टाइम भुगतान पर जोर
क्षेत्रपाल स्थित दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति में जिलाधिकारी ने महिला दुग्ध उत्पादकों से सीधा संवाद कर उनकी आय, भुगतान प्रणाली और समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी उत्पादकों को रियल टाइम भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन मिले।
आंचल आउटलेट को मिला आय लक्ष्य
विकास भवन स्थित आंचल आउटलेट के निरीक्षण में उन्होंने प्रतिदिन सुबह चार घंटे और शाम चार घंटे नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी रजिस्टर अद्यतन रखने, आय-व्यय का व्यवस्थित लेखा-जोखा बनाए रखने तथा रिकॉर्ड प्रबंधन दुरुस्त करने को कहा। अगले माह तक 50 हजार रुपये की आय का लक्ष्य निर्धारित करते हुए उसी अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी भी उपस्थित रहे।
सहायक निदेशक डेयरी अनुराग मिश्रा ने बताया कि कमेड़ी अवशीतन केंद्र में 85 समितियों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 2200 लीटर दुग्ध संग्रहित किया जाता है, जबकि क्षेत्रपाल समिति में प्रतिदिन करीब 240 लीटर दूध का संग्रहण हो रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि दुग्ध की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने गुणवत्ता परीक्षण, स्वच्छता मानकों और उचित भंडारण व्यवस्था को सख्ती से अपनाने के निर्देश दिए। साथ ही दुग्ध उत्पादन को स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बताते हुए युवाओं और महिलाओं को डेयरी गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती मिल सके।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  राम मंदिर और चारधाम चंदा चोरी प्रकरण पर कांग्रेस का राम मंदिर बागेश्वर में मौन उपवास, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
Ad
Share on whatsapp