अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग तेज, दिल्ली में धरने पर बैठे माता-पिता से मिले राहुल-प्रियंका गांधी
दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद से हटाने की मांग, कथित वीआईपी प्रकरण की निष्पक्ष जांच चाहते हैं परिजन
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर एक बार फिर मामला गरमा गया है। सिक्किम के राज्यपाल पद पर दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के विरोध में अंकिता के माता-पिता बुधवार को दिल्ली के इंडिया गेट के पास धरने पर बैठ गए। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने धरनास्थल पर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उनकी मांगों के प्रति समर्थन जताया।
अंकिता के माता-पिता की प्रमुख मांग है कि दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद से हटाया जाए और कथित वीआईपी से जुड़े पहलुओं की निष्पक्ष जांच पूरी कराई जाए। परिजनों ने इस मामले में सामने आए सवालों पर स्पष्टता लाने और जांच को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने की मांग की है।
सीबीआई जांच को लेकर भी परिवार की चिंता
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की पहचान और भूमिका का सवाल लंबे समय से चर्चा में रहा है। उत्तराखंड सरकार ने फरवरी 2026 में मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, सीबीआई अधिकारियों ने अंकिता के माता-पिता से पूछताछ भी की है। परिवार ने जांच की प्रक्रिया और उसकी प्रगति को लेकर सवाल उठाए हैं।
परिजनों ने दुष्यंत गौतम का नाम कथित वीआईपी के संदर्भ में उठाया है। हालांकि, किसी भी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों और जांच में स्थापित तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है। मामले में संबंधित व्यक्ति की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की परिजनों से मुलाकात के बाद मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। कांग्रेस नेताओं ने परिवार की न्याय की मांग के प्रति समर्थन जताया है।
गौरतलब है कि सितंबर 2022 में पौड़ी गढ़वाल जिले के वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों पर परिवार लगातार जवाब मांग रहा है।
अंकिता के माता-पिता का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने के साथ-साथ मामले के सभी अनुत्तरित सवालों का जवाब भी मिलना चाहिए। अब निगाहें सीबीआई जांच की प्रगति और परिवार की मांगों पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।







