कपकोट। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी कल्याण संगठन की कपकोट इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक स्थानीय लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) डाक बंगले में वरिष्ठ आंदोलनकारी डॉ. शेर सिंह ऐठानी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पृथक उत्तराखंड राज्य निर्माण के वर्षों बाद भी जिले के अधिकांश चिन्हित आंदोलनकारियों को पहचान पत्र और प्रमाण पत्र न मिलने पर गहरा रोष व्यक्त किया गया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जिले में कुल 352 राज्य आंदोलनकारी चिन्हित किए गए थे, लेकिन इनमें से 340 आंदोलनकारियों को आज तक पहचान पत्र और प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए, जो प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि जहां ऊधमसिंह नगर और देहरादून जैसे जिलों में कथित मिलीभगत के चलते ऐसे लोगों को भी प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए, जिनका आंदोलन से कोई संबंध नहीं था, वहीं बागेश्वर जिले में प्रशासन द्वारा जांच के बाद चिन्हित आंदोलनकारियों को भी उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है।
वक्ताओं ने कहा कि शासन स्तर पर भी उनके साथ अन्याय हो रहा है। चिन्हांकन के लिए निर्धारित छह माह की अवधि में अब केवल दो माह का समय शेष बचा है, लेकिन वर्ष 2009 से चिन्हित आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी करने के बजाय उनके आवेदन निरस्त किए गए। आंदोलनकारियों ने कहा कि कई लोग अपने अधिकारों की उम्मीद में जिंदगी भर इंतजार करते रहे और अब इस दुनिया में भी नहीं रहे।
बैठक में बताया गया कि स्थानीय विधायक सुरेश गढ़िया ने बीते मार्च माह में विधानसभा सत्र के दौरान इस गंभीर मुद्दे को उठाया था, लेकिन उस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
आंदोलनकारियों ने प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जल्द ही उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। यदि इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन तेज किया जाएगा और स्थिति में सुधार न होने पर आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार तक का निर्णय लिया जा सकता है।
बैठक के अंतिम चरण में संगठन से जुड़े दिवंगत साथियों को याद करते हुए माहौल भावुक हो गया। हाल ही में आंदोलनकारी चंद्र सिंह कोरंगा के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। साथ ही पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष बिशन गढ़िया, गोविंद गोरिला, प्रकाश ऐठानी, देवकी नंदन पांडे और खुशहाल गढ़िया के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
गणेश चंद्र उपाध्याय के संचालन में संपन्न हुई बैठक में दान सिंह ऐठानी, गोविंद बड़ती, ईश्वर सिंह बड़ती, प्रकाश सिंह शाही, भरत गढ़िया, खीम राम टम्टा और मनीष ऐठानी सहित कई आंदोलनकारी मौजूद रहे।








