बागेश्वर। आपदा की मार झेल रहे ग्रामीण क्षेत्रों में अब लोगों के लिए मूलभूत पैदल आवागमन भी मुश्किल होता जा रहा है। दुणीं-पन्याती-बीथी मोटर मार्ग पिछले लगभग 10 दिनों से बंद पड़ा है, जिसके कारण क्षेत्र की जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसका सबसे दर्दनाक उदाहरण हाल ही में सामने आया, जब पूर्व ग्राम प्रधान खुशाल सिंह गढ़िया जी के पिताजी के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए सरयू तट तक पहुंचाने में परिजनों एवं ग्रामीणों को लगभग 3 किलोमीटर अतिरिक्त पहाड़ी रास्ता तय करना पड़ा। आपदा के समय जब एक पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने तक का रास्ता सुगम नहीं है, तो आम ग्रामीणों की रोजमर्रा की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
यह स्थिति बेहद गंभीर और चिंताजनक है। आपदा काल में सड़क और पैदल मार्गों की बहाली सरकार और संबंधित विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन धन की कमी और विभागीय उदासीनता के कारण आम जनमानस को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने सरकार एवं संबंधित विभाग से मांग है कि दुणीं-पन्याती-बीथी मोटर मार्ग को तत्काल खोलने के साथ ही प्रभावित पैदल रास्तों की भी शीघ्र मरम्मत एवं बहाली की जाए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन की मूलभूत सुविधा मिल सके।
आपदा के समय सरकार को बजट और संसाधनों की कमी का बहाना बनाने के बजाय जनता की जान-माल और मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। पहाड़ के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और पैदल रास्ते केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि अस्पताल, बाजार, शिक्षा और अंतिम संस्कार तक पहुंचने की जीवनरेखा हैं।
सरकार तत्काल संज्ञान लेकर मार्ग को सुचारू कराए और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बहाल करे।








