logo

बागेश्वर में पहली बार उगा जापानी फल पर्सीमन, पूर्व सैनिक गोविंद सिंह परिहार की पहल से किसानों को नई उम्मीद

खबर शेयर करें -

बागेश्वर। पहाड़ी क्षेत्रों में पारंपरिक खेती के साथ अब नए फलदार पौधों को बढ़ावा देने की संभावनाएं भी सामने आने लगी हैं। बागेश्वर जिले के सैम मंदिर वार्ड निवासी पूर्व सैनिक गोविंद सिंह परिहार ने अपने प्रयासों से जापानी फल पर्सीमन का सफल उत्पादन कर जिले में नई पहल की है। पहाड़ी क्षेत्र की जलवायु में इस फल की सफल पैदावार से स्थानीय किसानों और बागवानों के लिए फल उत्पादन के क्षेत्र में एक नई संभावना पैदा हुई है।
गोविंद सिंह परिहार के अनुसार उन्होंने पर्सीमन के पौधे को हिमाचल प्रदेश निवासी अपने समधी हिम सिंह ठाकुर से मंगवाया था। पौधे को बागवानी के अनुरूप देखभाल, नियमित मेहनत और अनुकूल वातावरण मिलने के बाद इसमें फल आने शुरू हुए। अब पेड़ पर लगे पर्सीमन के फल तैयार होकर आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
पूर्व सैनिक गोविंद सिंह परिहार ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में खेती-बागवानी की संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने कुछ अलग करने का प्रयास किया। इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश से पर्सीमन का पौधा मंगाकर उसे अपने क्षेत्र में लगाया गया। पौधे की उचित देखभाल और लगातार मेहनत के बाद इसमें फल आने लगे।पर्सीमन को आमतौर पर जापानी फल के नाम से भी जाना जाता है। यह अपने आकर्षक रंग, स्वाद और पोषण संबंधी गुणों के कारण कई क्षेत्रों में लोकप्रिय फल है। बागेश्वर में इसके उत्पादन की संभावना सामने आने से स्थानीय किसानों के लिए पारंपरिक फलों के अलावा नए विकल्प तलाशने का रास्ता खुल सकता है। बागेश्वर जैसे पर्वतीय जिले में खेती की जमीन सीमित होने और कई स्थानों पर पारंपरिक खेती से अपेक्षित आमदनी नहीं होने के कारण किसानों को नई और बेहतर आय देने वाली फसलों की आवश्यकता महसूस होती रही है। ऐसे में पर्सीमन जैसे नए फल की सफल पैदावार किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
यदि जिले के अलग-अलग ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस फल की जलवायु अनुकूलता का परीक्षण सफल रहता है, तो आने वाले समय में उद्यान विभाग के सहयोग से इसके पौधों को किसानों तक पहुंचाने और व्यावसायिक बागवानी को बढ़ावा देने की संभावनाएं तलाश की जा सकती हैं। गोविंद सिंह परिहार की यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने किसी बड़े व्यावसायिक प्रोजेक्ट के बजाय व्यक्तिगत स्तर पर पौधा लगाकर उसके परिणाम को सामने लाया है। एक छोटे स्तर के प्रयोग से शुरू हुआ यह प्रयास अब आसपास के किसानों के लिए चर्चा का विषय बन गया है। बागेश्वर में पर्सीमन की पैदावार किसानों को यह संदेश भी देती है कि पहाड़ों में उपलब्ध जलवायु और जमीन के अनुरूप यदि नई फल प्रजातियों का चयन किया जाए तथा वैज्ञानिक तरीके से उनकी देखभाल की जाए, तो बागवानी के क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। स्थानीय स्तर पर इस तरह के प्रयोगों को तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री और बाजार से जोड़ने की सुविधा मिले तो पर्सीमन जैसी नई फल फसलों को भविष्य में किसानों की अतिरिक्त आय का माध्यम बनाया जा सकता है। वही जिला उद्यान अधिकारी हरीश आर्य ने बताया कि बागेश्वर में पर्सीमन जैसे नए फल की सफल पैदावार होना एक अच्छी पहल है। किसानों और बागवानों द्वारा नए फलदार पौधों का प्रयोग किया जाना जिले में बागवानी के विस्तार की दृष्टि से सकारात्मक संकेत है। विभाग की ओर से ऐसे प्रयोगों का तकनीकी स्तर पर अध्ययन कर यह देखा जा सकता है कि जिले के किन क्षेत्रों की जलवायु और मिट्टी पर्सीमन उत्पादन के लिए अधिक उपयुक्त है। उन्होंने बताया कि प्रयोग के परिणाम लगातार अच्छे रहते हैं और फल की गुणवत्ता एवं उत्पादन क्षमता संतोषजनक पाई जाती है, तो भविष्य में किसानों को नई फल प्रजातियों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। इससे पारंपरिक खेती के साथ फल उत्पादन के नए विकल्प विकसित करने में मदद मिलेगी।

Share on whatsapp