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वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों के बीच पन्तक्वैराली विद्यालय परिसर में झाड़ी कटान, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता

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बागेश्वर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में गुलदार, भालू एवं जंगली सुअर जैसे वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग द्वारा एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में बागेश्वर वन प्रभाग की बागेश्वर रेंज अंतर्गत छतीना अनुभाग में स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पन्तक्वैराली में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए झाड़ी एवं घास कटान का कार्य कराया गया।

विद्यालय प्रशासन द्वारा वन क्षेत्राधिकारी केवलानन्द पाण्डे से सुरक्षा के दृष्टिगत अनुरोध किए जाने के पश्चात विद्यालय परिसर के चारों ओर बुश कटिंग मशीन के माध्यम से घास व झाड़ियों की साफ-सफाई की गई। झाड़ियों की अधिकता के कारण वन्यजीवों के छिपने की आशंका बनी रहती है, जिससे छात्रों और स्टाफ को खतरा हो सकता है। कटान कार्य से विद्यालय परिसर अब अधिक सुरक्षित हो गया है।

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इस संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न ने बताया कि वर्तमान में जनपद में प्राप्त हो रही वन्यजीवों से संबंधित शिकायतों को विभाग द्वारा गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावना अधिक है, वहां पूर्व-रोकथाम के तहत झाड़ी कटान का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसके लिए वन प्रभाग की सभी रेंजों को बुश कटिंग मशीन उपलब्ध कराई गई हैं।

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उन्होंने यह भी बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए फॉक्स लाइट, ड्रोन एवं एनाईडर (Anider) जैसे आधुनिक उपकरणों व तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है, ताकि वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके और समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में वन विभाग की हेल्पलाइन 1926 पर तुरंत सूचना दें। प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। साथ ही वन क्षेत्रों से सटे उन ग्रामों, जहां झाड़ियां अत्यधिक मात्रा में पाई जा रही हैं, वहां के ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों से संबंधित वन क्षेत्राधिकारी से संपर्क करने का आग्रह किया गया है।
बागेश्वर वन प्रभाग ने स्पष्ट किया है कि वह जन-सुरक्षा एवं वन्यजीव संरक्षण दोनों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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