स्कूली बच्चों की भागीदारी और मुख्यमंत्री से आम जनता को नहीं मिलने देने पर उठाए सवाल, राहत कोष वितरण में पारदर्शिता की मांग
बागेश्वर। कांग्रेस नेता एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने विकसित भारत संकल्प यात्रा और मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को भाजपा कार्यकर्ताओं के रूप में इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने दावा किया कि अब प्रदेश से भाजपा की विदाई तय है।
शनिवार को पिंडर मार्ग स्थित अपने निजी कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान ऐठानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में सरकारी अधिकारियों की भूमिका तथा स्कूली बच्चों की भागीदारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में भीड़ बढ़ाने के लिए स्कूली बच्चों को लाए जाने का मामला गंभीर है। बच्चों की शिक्षा और उनके हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
ऐठानी ने कहा कि सरकारी अधिकारियों का दायित्व निष्पक्ष होकर जनता की सेवा करना है। यदि सरकारी मशीनरी का उपयोग किसी राजनीतिक दल के कार्यक्रम को सफल बनाने या भीड़ जुटाने के लिए किया जा रहा है, तो इसकी जांच होनी चाहिए। प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि कार्यक्रम में अधिकारियों की क्या भूमिका रही और सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल किन नियमों के तहत किया गया।
मुख्यमंत्री से आम जनता को नहीं मिला मिलने का अवसर
कांग्रेस नेता ने विवेकानंद स्कूल में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान आम लोगों को मुख्यमंत्री से मिलने का अवसर नहीं दिए जाने की शिकायत भी उठाई। उन्होंने कहा कि जनता अपनी समस्याएं प्रदेश के मुखिया तक पहुंचाना चाहती है। यदि लोगों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिलता, तो जनसंवाद के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
मुख्यमंत्री राहत कोष के वितरण पर भी उठाए सवाल
ऐठानी ने कपकोट स्थित विधायक कार्यालय में भाजपा के चुनाव चिह्न के सामने मुख्यमंत्री राहत कोष की धनराशि वितरित किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों की सहायता करना है। ऐसे में सहायता वितरण की प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा सभी पात्र लाभार्थियों के सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारी तंत्र जनता के प्रति जवाबदेह होता है, किसी राजनीतिक दल के प्रति नहीं। सरकारी कार्यक्रमों और जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य जनता की सेवा होना चाहिए, न कि राजनीतिक प्रदर्शन। ऐठानी ने पूरे मामले में प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने और शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।







