बागेश्वर : हैदराबाद में आयोजित 41वीं राष्ट्रीय सीनियर ताइक्वांडो प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिले की ताईक्वांडो उदीयमान खिलाड़ी आलिशा मनराल ने बेह्तरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक प्राप्त कर जिले और प्रदेश को गौरवान्वित किया है। आलिशा ने इससे पूर्व में जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता,स्कूली नैशनल खेलों में स्वर्ण पदक प्राप्त किए हैं, प्रदेश सरकार द्वारा आलीशा को वर्ष 2025 का तीलू रौतेली अवार्ड भी दिया था, आलिशा ने फाइनल में गुजरात की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, प्रतियोगिता में ग्रुप पूमसे में विवेक नेगी,जगदीश, दिवाकर कुमार ने रजत पदक प्राप्त किया। कोच कमलेश तिवारी, गोकुल खेतवाल ने आलिशा मनराल के विशेष प्रदर्शन पर हर्ष व्यक्त किया है। बागेश्वर की विधायक पार्वती दास, कपकोट के सुरेश गडिया, राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट, भूपेश उपाध्याय, जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, जिला खेल अधिकारी गुंजन बाला,किरण नेगी,दरवान सिंह परिहार,अनिल कार्की,ललित नेगी, दीपक जोशी,आशीष धपोला ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई है।
बागेश्वर : बागेश्वर के मंडलसेरा क्षेत्र की होनहार खिलाड़ी आलिशा मनराल ने ताईक्वांडो के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। वर्ष 2021 में कुछ अच्छा करने और जीवन में बड़ा लक्ष्य प्राप्त करने की दृढ़ इच्छा के साथ ताईक्वांडो की शुरुआत करने वाली आलिशा ने बेहद कम समय में निरंतर मेहनत और अनुशासन के बल पर राष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
आलिशा वर्तमान में बागेश्वर परिसर से बी.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ खेल को संतुलित रखते हुए उन्होंने स्कूल गेम्स और जूनियर नेशनल प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन किया। अब तक उनके खाते में कुल 10 पदक दर्ज हैं, जिनमें 4 स्वर्ण पदक, 2 रजत पदक, तथा 4 कांस्य पदक
शामिल हैं। ये सभी पदक स्कूल गेम्स एवं जूनियर नेशनल प्रतियोगिताओं में प्राप्त हुए हैं। वही अब आलिशा ने सीनियर राष्ट्रीय ताईक्वांडो प्रतियोगिता में पहली बार प्रतिभाग करते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने मुकाबले में एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर की अनुभवी खिलाड़ी को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। सीनियर वर्ग में यह उनका पहला राष्ट्रीय स्वर्ण पदक है, जिसे खेल विशेषज्ञ उनकी तकनीकी दक्षता, मानसिक मजबूती और निरंतर अभ्यास का परिणाम मान रहे हैं। आलिशा की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके पिता भूपेंद्र मनराल और माता गंगा मनराल ने हर चरण पर उनका उत्साहवर्धन किया। वहीं उनके भाई आयुष मनराल, जो वर्तमान में बीएससी नर्सिंग के छात्र हैं, भी उनके लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। इस उपलब्धि में आलिशा के प्रशिक्षकों कमलेश तिवारी एवं गोकुल खेतवाल का मार्गदर्शन और कड़ा प्रशिक्षण निर्णायक साबित हुआ। कोचों ने बताया कि आलिशा में शुरुआत से ही लगन, अनुशासन और आगे बढ़ने की प्रबल इच्छा रही है। आलिशा की इस सफलता से पूरे मंडलसेरा और बागेश्वर जनपद में हर्ष का माहौल है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में वह राष्ट्रीय के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।








