बागेश्वर। रीमा क्षेत्र में खनन गतिविधियों के ठप होने को लेकर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि रीमा में जो कुछ हुआ है, वह केवल एक घटना नहीं, बल्कि सरकार की घोर नाकामी और नीतिगत विफलता का स्पष्ट उदाहरण है।
हरीश ऐठानी ने कहा कि जिन खनन पट्टों के माध्यम से सरकार ने स्थानीय लोगों को रोजगार और आत्मनिर्भरता का सपना दिखाया था, आज वही गलत नीतियों, कमजोर पैरवी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण लोगों के लिए संकट का कारण बन गए हैं।
उन्होंने कहा कि खनन बंद होने से क्षेत्र के मकान मालिक बेरोजगार हो गए हैं, किसान परेशान हैं, मशीन मालिक कर्ज में डूब गए हैं, ट्रैक्टर, डंपर और अन्य वाहन बेकार खड़े हैं, जबकि घोड़ा-खच्चर पालने वालों की आजीविका भी प्रभावित हुई है। सबसे अधिक नुकसान युवा वर्ग को हुआ है, जो स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि आखिर खनन पट्टे बंद क्यों किए गए। यदि सब कुछ नियमों के अनुसार था, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी से लेकर खान अधिकारी, पटवारी और पूरा प्रशासनिक तंत्र सत्ता के दबाव में काम कर रहा है और जनता के हित में बोलने वाला कोई नहीं है। ऐठानी ने कहा कि सरकार को अपनी उपलब्धियों का प्रचार करने से पहले रीमा के बेरोजगारों, किसानों, वाहन मालिकों और युवाओं को जवाब देना चाहिए। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर प्रभावित लोगों को राहत देने की मांग की।








