जिला जज सुबीर कुमार ने किया प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ, पीएलवी को बताया न्याय व्यवस्था और आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी
बागेश्वर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से सोमवार को 23 नवनियुक्त पराविधिक कार्यकर्ताओं (पीएलवी) के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला जज एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष सुबीर कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर जिला जज सुबीर कुमार ने कहा कि पैरा लीगल वालंटियर्स आम जनता, विशेषकर गरीब, वंचित और कमजोर वर्गों तथा न्याय व्यवस्था के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य उनके व्यावहारिक कौशल को बेहतर बनाने, नए कानूनों की जानकारी देने और क्षेत्रीय कार्यों को प्रभावी बनाना है।
प्रशिक्षण के दौरान रिटेनर अधिवक्ता महिप किशोर ने संविधान की मूल संरचना, नालसा की विभिन्न योजनाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल नंद किशोर भट्ट ने महिलाओं से संबंधित कानूनों और कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम के बारे में विस्तार से बताया।
पैनल अधिवक्ता त्रिलोक चंद्र जोशी ने नालसा की योजनाओं, साइबर अपराध, मादक पदार्थों के दुष्परिणाम और नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी बताया।
प्राधिकरण की सचिव अनीता कुमारी ने पीएलवी की भूमिका और जिम्मेदारियों, निःशुल्क विधिक सहायता, संविधान के मूल अधिकारों एवं कर्तव्यों तथा अपराध पीड़ित सहायता योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पीएलवी समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण, गरीब और वंचित लोगों को कानूनी सहायता से जोड़ने तथा उनकी समस्याओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है।
कार्यक्रम में नालसा का थीम सॉन्ग ‘एक मुट्ठी आसमान’ भी प्रस्तुत किया गया। समापन पर सभी नवनियुक्त पीएलवी को बैनर, टोपी, बैज और पंपलेट वितरित किए गए। कार्यक्रम का संचालन पैनल अधिवक्ता त्रिलोक चंद्र जोशी ने किया।







