हवालबाग में 20 दिवसीय शहद उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन, प्रतिभागियों को दिए प्रमाणपत्र
अल्मोड़ा। भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, हवालबाग में आयोजित 20 दिवसीय शहद उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मधुमक्खी पालन के साथ-साथ उद्यमिता विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
प्रशिक्षण में सामान्य उद्यमिता विकास के अंतर्गत स्वरोजगार, उद्यमिता, बाजार प्रबंधन, बाजार सर्वेक्षण और उत्पादों के मूल्य निर्धारण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा मधुमक्खी पालन के तहत मधुमक्खियों की प्रजातियां, उनके आवास, छत्तों का प्रबंधन, मधुमक्खियों में होने वाली बीमारियां, शहद उत्पादन और शहद से बनने वाले खाद्य व सौंदर्य उत्पादों के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने इन उत्पादों को बनाकर व्यावहारिक अभ्यास भी किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सफल मधुमक्खी पालक कमला भंडारी के मौनालय का भ्रमण भी कराया गया। यहां उन्होंने शहद निष्कासन, छत्तों के प्रबंधन और मौन बक्सों की सफाई से संबंधित कार्यों का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
समापन अवसर पर संस्थान के निदेशक राकेश रोशन विश्वकर्मा ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन एक बहुद्देशीय व्यवसाय है, जिससे शहद के साथ कई अन्य उत्पाद भी प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से शीघ्र ही स्वरोजगार शुरू करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण में विभिन्न विकासखंडों के कुल 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में तकनीकी प्रशिक्षण कमला भंडारी ने दिया, जबकि सामान्य उद्यमिता विकास का प्रशिक्षण संस्थान के फैकल्टी राजेंद्र सिंह द्वारा प्रदान किया गया।








