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भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, हवालबाग में 20 दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण प्रारंभ

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अल्मोड़ा। SBI RSETI हवालबाग, अल्मोड़ा द्वारा 20 दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 21 फरवरी 2026 को किया गया। यह प्रशिक्षण 12 मार्च 2026 तक संचालित रहेगा। कार्यक्रम में विकासखंड ताकुला, भैंसियाछाना, हवालबाग और ताड़ीखेत के 20 बेरोजगार युवक-युवतियाँ प्रतिभाग कर रहे हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक श्री राकेश रोशन विश्वकर्मा द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि स्वरोजगार ही ग्रामीण युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि मधुमक्खी पालन (मौन पालन) केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खेती की उत्पादकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मधुमक्खियाँ परागण की प्रक्रिया को तेज करती हैं, जिससे फसलों की पैदावार में वृद्धि होती है और किसानों की आय में सुधार संभव होता है।
निदेशक ने आगे कहा कि मधुमक्खी पालन एक पारंपरिक एवं कम लागत वाला व्यवसाय है, जिसे ग्रामीण परिवेश में आसानी से अपनाया जा सकता है। यह व्यवसाय स्वरोजगार के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देता है।
संस्थान की ओर से प्रतिभागियों को तकनीकी प्रशिक्षण श्रीमती कमला भंडारी द्वारा प्रदान किया जा रहा है, जिसमें मधुमक्खी पालन की वैज्ञानिक पद्धतियाँ, छत्तों का प्रबंधन, शहद निष्कर्षण एवं विपणन की जानकारी दी जा रही है। वहीं सामान्य उद्यमिता विकास प्रशिक्षण संस्थान के फैकल्टी राजेंद्र सिंह द्वारा उद्यमिता विकास, व्यवसाय प्रबंधन, बैंकिंग प्रक्रिया और विपणन कौशल पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। विशेष उल्लेखनीय है कि संस्थान प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद भी प्रतिभागियों को दो वर्षों तक हैंडहोल्डिंग सपोर्ट प्रदान करता है, जिससे वे अपने व्यवसाय को स्थापित करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सफलतापूर्वक आगे बढ़ सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती बेरोजगारी के बीच यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह खोलने वाला साबित हो सकता है। स्थानीय स्तर पर शहद उत्पादन को बढ़ावा मिलने से न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि कृषि क्षेत्र को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

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