बागेश्वर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश और जिला जज/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बागेश्वर पंकज तोमर के मार्गदर्शन में मंगलवार को जिला कारागार अल्मोड़ा में जनपद बागेश्वर के निरुद्ध बंदियों के लिए विधिक जागरूकता एवं कौशल विकास शिविर आयोजित किया गया। शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बागेश्वर और जन शिक्षण संस्थान बागेश्वर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता कुमारी ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने जेल अपील, जमानत और जेल मुलाकाती केंद्र समेत विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि बंदियों को अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी होना जरूरी है, ताकि वे जरूरत पड़ने पर विधिक सहायता प्राप्त कर सकें।
इस दौरान बंदियों को कौशल विकास के माध्यम से सम्मानजनक आजीविका के अवसरों से भी अवगत कराया गया। बताया गया कि जेल में रहते हुए हस्तशिल्प, क्राफ्टवर्क और लकड़ी के काम जैसे कौशल सीखे जा सकते हैं। इन हुनरों का उपयोग रिहाई के बाद स्वरोजगार और आजीविका के लिए किया जा सकता है।
जन शिक्षण संस्थान बागेश्वर के निदेशक जितेंद्र तिवारी ने बंदियों को हस्तशिल्प, मोमबत्ती निर्माण, रिंगाल से बनने वाले उत्पाद तथा धूप-अगरबत्ती निर्माण के माध्यम से स्वरोजगार की संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न कौशलों को सीखकर आत्मनिर्भर बनने के तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा की।
शिविर का उद्देश्य बंदियों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें कौशल विकास से जोड़कर रिहाई के बाद सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन के लिए तैयार करना रहा।








