कपकोट। उत्तराखंड में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के सरकारी दावों के बीच कपकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। दूरस्थ और आपदा प्रभावित क्षेत्रों से उपचार की उम्मीद लेकर पहुंच रहे मरीजों को पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल पा रही है। मंगलवार को भी सीएचसी में कई मरीज डॉक्टरों की कमी से परेशान नजर आए।
दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से अपने बच्चों का उपचार कराने पहुंचे अभिभावकों को उम्मीद थी कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बाल रोग विशेषज्ञ की सुविधा मिलेगी, लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष में लगा ताला व्यवस्था की स्थिति बयां करता नजर आया। इसी तरह दांतों की समस्या से परेशान ग्रामीण क्षेत्र की एक महिला भी उपचार के लिए पहुंची, लेकिन दंत चिकित्सा कक्ष बंद मिला।
एक डॉक्टर संभाल रहे मरीजों का जिम्मा
सीएचसी कपकोट में फिलहाल एक ही डॉक्टर पर बड़ी संख्या में मरीजों के उपचार का जिम्मा है। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र आने वाले लोगों का कहना है कि कपकोट क्षेत्र के दूरस्थ गांवों के लिए यह प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। ऐसे में यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की पर्याप्त तैनाती बेहद जरूरी है।
सीएचसी कपकोट की प्रभारी डॉ. अनुभा कुमार ने बताया कि चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए शासन स्तर पर पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की तैनाती होने से स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
जल्द डॉक्टरों की तैनाती नहीं हुई तो आंदोलन
डॉक्टरों की कमी को लेकर कांग्रेस कमेटी के नगर अध्यक्ष प्रकाश कांडपाल ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार मंचों और सोशल मीडिया के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन धरातल पर स्थिति अलग है। कपकोट जैसे दूरस्थ क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी मरीजों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सीएचसी कपकोट में आवश्यक डॉक्टरों की तैनाती नहीं की गई तो व्यापारियों को साथ लेकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मरीजों की परेशानी को देखते हुए शीघ्र चिकित्सकों की तैनाती की मांग की।








