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रामगंगा नदी पर पुल नहीं बनने से ग्रामीणों की जान जोखिम में, ऐठानी ने उठाई स्थायी पुल की मांग

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कपकोट। महरगाड़ घाटी की ग्राम सभा कालापैरकापड़ी के कालापैरकापड़ी तोक में रामगंगा नदी पर क्षतिग्रस्त झूला पुल और आवागमन के लिए इस्तेमाल की जा रही ट्रॉली का पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश सिंह ऐठानी ने ग्रामीणों के साथ स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने वर्ष 2017 की आपदा के बाद से अब तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं होने पर चिंता जताते हुए सरकार से तत्काल पुल निर्माण की मांग की।
ऐठानी ने कहा कि वर्तमान में ग्रामीणों को नदी पार करने के लिए ट्रॉली का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। निरीक्षण के दौरान ट्रॉली स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने का भी आरोप लगाया गया। उन्होंने कहा कि जब तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं होता, तब तक ट्रॉली के दोनों ओर पर्याप्त संख्या में पीआरडी जवानों की नियमित तैनाती की जानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 की आपदा में झूला पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कालापैरकापड़ी तोक के लोगों को करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर ट्रॉली तक पहुंचना पड़ रहा है। बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और बीमार लोगों को इससे विशेष परेशानी हो रही है।
ऐठानी ने कहा कि केचुआ क्षेत्र में आपदा प्रभावित कुछ परिवार अब भी सुरक्षित आवास और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में नाचनी बाजार में किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और राहत की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। सरकार को घोषणाओं के बजाय धरातल पर काम करते हुए रामगंगा नदी पर स्थायी पुल का निर्माण जल्द शुरू करना चाहिए। निरीक्षण के दौरान खड़क सिंह कोरंगा, नरेंद्र सिंह कोरंगा, तारा सिंह, ललित बथीयाल, गोविंद कोरंगा, प्रहलाद कपकोटी, राजेंद्र कोश्यारी, मदन सिंह कोश्यारी, श्याम सिंह सहित ग्रामीण मौजूद रहे।

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