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मानव-वन्यजीव संघर्ष पर कार्यशाला, बंदरबाड़ा बनाने की तैयारी

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कपकोट/बागेश्वर। मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रभावी निवारण और विभागीय प्रक्रियाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को कपकोट एवं ग्लेशियर वन क्षेत्रों की विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों, सरपंचों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता बागेश्वर वन प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी श्री प्रकाश चंद्र आर्य ने की।
कार्यशाला में ग्रामीण प्रतिनिधियों ने बंदरों एवं जंगली सूअरों से फसलों, बागानों और जनजीवन को हो रहे नुकसान की जानकारी साझा की। ग्रामीणों ने बताया कि इन वन्यजीवों के कारण कृषि क्षेत्र को लगातार नुकसान हो रहा है, जिससे किसानों के सामने गंभीर चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं।
जल्द बनेगा बंदर बाड़ा
ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए प्रभागीय वन अधिकारी श्री प्रकाश चंद्र आर्य ने बताया कि जनपद बागेश्वर में जल्द ही बंदर बाड़े का निर्माण किया जाएगा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पकड़े जाने वाले बंदरों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत इस बाड़े में रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक वन प्रभाग में पशु चिकित्सकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में बागेश्वर वन प्रभाग में भी बंदर बाड़े के लिए शीघ्र पशु चिकित्सक की नियुक्ति की जाएगी, जिससे बाड़े में रखे गए बंदरों की स्वास्थ्य संबंधी देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
जंगली सूअरों के लिए पायलट प्रोजेक्ट
जंगली सूअरों से होने वाले फसल नुकसान को कम करने के लिए वन विभाग द्वारा पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। इसके अंतर्गत कपकोट, गरुड़ एवं बागेश्वर विकासखंडों के तीन-तीन गांवों का चयन कर परियोजना की शुरुआत की जाएगी।
चयनित गांवों में रिमोट सेंसिंग तकनीक से युक्त पिंजरों का उपयोग किया जाएगा तथा ग्रामीणों की सहभागिता से जंगली सूअरों की समस्या को नियंत्रित करने के प्रयास किए जाएंगे।
प्रभागीय वन अधिकारी ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष का स्थायी और प्रभावी समाधान विभाग, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने ग्रामीणों को विभागीय प्रक्रिया, शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था तथा उपलब्ध राहत एवं मुआवजा तंत्र की जानकारी भी दी।
कार्यशाला में कपकोट वन क्षेत्र के वन क्षेत्राधिकारी श्री नारायण दत्त पांडे, ग्लेशियर रेंज की वन क्षेत्राधिकारी डॉली डोभाल, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम प्रधान, सरपंच, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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