बागेश्वर : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से संचालित लखपति दीदी योजना के अंतर्गत चयनित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए ब्लॉक सभागार बागेश्वर में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को कौशल विकास, उद्यमशीलता एवं वित्तीय साक्षरता से जोड़ते हुए उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक करने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करना रहा। कार्यशाला में आधुनिक कृषि एवं नवीन तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को ड्रोन संचालन एवं मरम्मत, कृषि-व्यवसाय, बागवानी, जलीय कृषि, जैविक खेती तथा पशुधन प्रबंधन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही मूल्य श्रृंखला के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
उद्यमशीलता विकास सत्र के अंतर्गत लघु उद्योग, हस्तशिल्प, सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई एवं पैकेजिंग जैसे विषयों पर चर्चा की गई। वित्तीय साक्षरता सत्र में महिलाओं को वित्तीय समावेशन, डिजिटल आजीविका रजिस्टर के उपयोग, बैंक ऋण प्रक्रिया तथा आजीविका नियोजन की जानकारी दी गई। सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों द्वारा प्रतिभागियों को व्यवहारिक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।
ब्लॉक मिशन प्रबंधक हरेंद्र बिष्ट ने कहा कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्थायी आजीविका के अवसरों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से महिलाओं को आधुनिक तकनीक, वित्तीय प्रबंधन और बाजार से जुड़ाव की जानकारी दी जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।सामुदायिक कार्यकर्ता आशा खेतवाल ने कहा कि इस पहल से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे स्वरोजगार के नए अवसरों को अपनाने के लिए आगे आ रही हैं। उन्होंने बताया कि समूह स्तर पर महिलाओं को योजनाओं से जोड़ने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर सहयोग किया जा रहा है। कार्यशाला में लगभग 150 महिलाओं ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राकेश बिष्ट, बी.बी. जोशी, विनोद, आरएफसी नरेश, वीरेंद्र बसेड़ा, ममता पांडे, जानकी देवी, ललिता देवी एवं बबीता देवी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।








