देहरादून। अग्निवीर भर्ती अभियान को प्रभावी और सुचारू बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को देहरादून स्थित राज्य सचिवालय में सेना और उत्तराखंड सरकार के बीच महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित हुई। बैठक में भर्ती क्षेत्र (उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड) के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल मनीष कुमार, वाईएसएम, एसएम ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन और सचिव गृह शैलेश बागौली के साथ भर्ती वर्ष 2027 की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में आगामी अग्निवीर भर्ती रैलियों के सफल संचालन के लिए सहयोगात्मक ढांचे को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। चूंकि क्षेत्रीय भर्ती कार्यालय (यूपी और उत्तराखंड) देश की सबसे बड़ी भर्ती योग्य आबादी की देखरेख करता है, इसलिए भर्ती प्रक्रिया को सुचारू बनाने में स्थानीय प्रशासन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।
बैठक के दौरान दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में भर्ती रैलियों के आयोजन, अभ्यर्थियों की सुविधाओं, रसद व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के प्रबंधन को लेकर भी चर्चा हुई। सेना ने कहा कि राज्य प्रशासन का सहयोग भर्ती प्रक्रिया को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
मेजर जनरल मनीष कुमार ने कहा कि यह अभियान केवल युवाओं के चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने का भी एक प्रयास है। उन्होंने विशेष रूप से उत्तराखंड की युवा महिलाओं को सशस्त्र बलों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
इस दौरान एडीजी ने जून 2026 में आयोजित कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (सीईई) के सफल संचालन में राज्य सरकार द्वारा दिए गए प्रशासनिक सहयोग की सराहना की। वहीं, राज्य प्रशासन ने भी सेना को भविष्य में हर संभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि आज के युवा रंगरूट ही देश के भविष्य के रक्षक हैं।








